इंदौर

मंदी के दौर में सरकार को करोड़ों का फटका, मंडी शुल्क के विरोध में इंदौर का अनाज तिलहन कारोबार ठप

Grain And Oil Seed Trade : संयोगितागंज अनाज मंडी, लक्ष्मी नगर अनाज मंडी, देवी अहिल्या बाई होलकर सब्जी मंडी, फल मंडी, फूल मंडी, वीर सावरकर मार्केट के साथ शहर की सभी दाल मिलों के साथ किराना बाजार भी बंद रहे।
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Grain And Oil Seed Trade
Grain And Oil Seed Trade (मंदी के दौर में सरकार को करोड़ों का फटका Photo Source- Patrika)

Indore News : मध्य प्रदेश शासन द्वारा मंडी शुल्क में की गई वृद्धि के विरोध में मंगलवार को इंदौर की छहों मंडियों में कारोबार ठप रहा। व्यापारिक संगठनों का दावा है कि एक दिन के कारोबार के ठप रहने से सरकार को करोड़ों का फटका लगा है। अकेले अनाज तिलहन में करीब 50 करोड़ का व्यापार होता है। संयोगितागंज अनाज मंडी, लक्ष्मी नगर अनाज मंडी, देवी अहिल्या बाई होलकर सब्जी मंडी, फल मंडी, फूल मंडी, वीर सावरकर मार्केट के साथ शहर की सभी दाल मिलों के साथ किराना बाजार भी बंद रहे।

व्यापारियों का मानना है कि मंडी शुल्क में वृद्धि से सिर्फ अनाज दाल ही नहीं महंगी होगी, बल्कि इसका असर समूचे खान-पान उद्योग पर पड़ेगा। व्यापारियों की व्यापार प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता कमजोर होगी। फलस्वरूप किसान एवं उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ेगा। शासन को चाहिए कि वह मंडी शुल्क वृद्धि के निर्णय पर पुनर्विचार कर इसे तत्काल वापस लें।

दिया ज्ञापन

मंडी अनाज दलहन- तिलहन व्यापारी संघ के अध्यक्ष मनोज काला, मंत्री राजेश अग्रवाल (राजा), उपाध्यक्ष काशीनाथ गोयल, कोषाध्यक्ष नरेश गर्ग, कार्यकारिणी सदस्य संतोष गोयल, सुनील कोठारी, विनोद अग्रवाल, संजय खंडेलवाल, व्यापारी चंद्रेश बंसल सहित बड़ी संख्या में व्यापारी साथियों की उपस्थित में कलेक्टर कार्यालय पर ज्ञापन दिया गया।

मंडी शुल्क वापसी तक होगा विरोध

व्यापारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल अग्रवाल ने कहा कि हमारा विरोध कारोबार को सुरक्षित करना है। इससे अन्तर्राज्यीय व्यापार समाप्त हो जाएगा। हमारी दालें अन्य राज्यों से महंगी कैसे बिक पाएंगी। व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए संघ आगे भी लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराता रहेगा।

Published on:
24 Jun 2026 02:27 pm