mp news: ED (प्रवर्तन निदेशालय) ने आबकारी विभाग में फर्जी चालान के जरिए हुए 72 करोड़ के घोटाले में की कार्रवाई...।
mp news: मध्यप्रदेश के इंदौर में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने वर्ष 2017 में आबकारी विभाग में फर्जी चालान के जरिए हुए करीब 72 करोड़ को घोटाले में शराब ठेकेदारों की करीब 70 करोड़ की संपत्तियों की अटैच किया है। अटैच संपत्ति में इंदौर, मंदसौर व खरगोन के जमीन, फ्लैट आदि शामिल हैं। ठेकेदारों पर कार्रवाई हो गई, तत्कालीन अफसर अभी बचे हुए हैं, उनकी भूमिका की जांच की बात कही जा रही है। ईडी ने फर्जी चालान घोटाले में 28 संपत्तियों को अटैच किया है। इनका बाजार मूल्य 70 करोड़ से अधिक है।
अगस्त 2017 में घोटाला सामने आया था। तत्कालीन सहायक आबकारी आयुक्त संजीव दुबे के कार्यकाल में घोटाला हुआ था जिसमें रावजी बाजार थाने में धोखाधड़ी की धाराओं में ठेकेदार व कर्मियों पर केस दर्ज हुआ। विभाग में 3 साल में शराब ठेकेदार-कर्मियों ने चालान की फर्जी रसीद देकर यह घोटाला किया था। लंबे समय तक फर्जी रसीदें दी जा रही थीं, लेकिन तत्कालीन अफसरों ने मिलान न कर लापरवाही की। इस पर तत्कालीन सहायक आबकारी आयुक्त सहित अन्य को सस्पेंड किया था। पुलिस एफआइआर के आधार पर ईडी ने जांच शुरू की थी।
पहले जांच में 49 करोड़ की राशि की धोखाधड़ी सामने आई जो बाद में बढ़ गई। ईडी ने मुख्य आरोपी राजू दशवंत, अंश त्रिवेदी को गिरफ्तार किया। वह जो अभी न्यायिक हिरासत में है। तत्कालीन आबकारी अधिकारियों के ठिकानों पर भी जांच की थी, कुछ के बयान भी लिए गए, लेकिन अभी उन्हें आरोपी नहीं बनाया है। वर्ष 2017 में मामला खुला था और 21 करोड़ का घोटाला बताया गया। बाद में पता चला, दो साल से फर्जी चालान का खेल चल रहा था। सवाल उठे तो तत्कालीन अफसरों के खिलाफ जांच के आदेश हुए। जांच अधिकारी बदलते गए, मामला कोर्ट पहुंचा। 8 साल बाद भी जांच अधूरी है।