MP News: इंदौर के एमवायएच अस्पताल की लापरवाही मरीजों और परिजनों को पड़ रही भारी, मुख्य गेट के अलावा अन्य सभी दरवाजे बंद, 100 मीटर की दूरी के लिए काटना पड़ रहा 400 मीटर का चक्कर...
MP News: एमवायएच के मुख्य गेट को छोड़ अन्य गेट बंद होने से मरीजों और परिजन को अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शासकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय के सामने स्थित गेट बंद होने के कारण एमवायएच में भर्ती मरीजों को जांच और उपचार के लिए करीब 400 मीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। यदि सामने का गेट खोला जाए या कम से कम मरीजों के आवागमन के लिए सीमित रूप से चालू किया जाए, तो यह दूरी घटकर करीब 100 मीटर रह सकती है।
सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में दो महिलाएं एक मरीज को स्ट्रेचर पर दंत चिकित्सा महाविद्यालय से एमवायएच की ओर ले जाती दिखाई दे रही हैं। सामने का गेट बंद होने के कारण उन्हें मुख्य गेट तक पहुंचने के लिए व्यस्त सड़क पार करनी पड़ी। करीब डेढ़ मिनट के वीडियो में मरीज को वाहनों के बीच से स्ट्रेचर पर ले जाते देखा जा सकता है। इस दौरान कोई वार्ड बॉय या अस्पताल कर्मी साथ नजर नहीं आया। अस्पताल में भर्ती मरीजों को आवश्यक सुविधा और सुरक्षित आवागमन उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर कई शहरवासियों ने व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए हैं।
इंदौर एमवायएच प्रबंधन ने इस संबंध में सीसीटीवी कैमरे की जांच करवाई। प्रबंधन के अनुसार वीडियो में दिख रहा स्ट्रेचर एमवायएच का नहीं लग रहा है। मरीज एमवायएच के इमरजेंसी विभाग में भी नहीं आया है। एमवायएच से मरीजों को भेजने के लिए 108 एंबुलेंस की सुविधा सेंट्रलाइज सिस्टम द्वारा उपलब्ध है। सिक्योरिटी गार्ड एवं अन्य कर्मचारियों का तथा वीडियो रिकॉर्डिंग का परीक्षण किया जा रहा है। सिक्योरिटी गार्ड, स्ट्रेचर बॉय को स्ट्रेचर पर किसी मरीज को अस्पताल परिसर से बाहर नहीं ले जाने के स्पष्ट निर्देश हैं।
दंत चिकित्सा महाविद्यालय में मरीज भर्ती नहीं किए जाते। एमवायएच में 20 बिस्तरों की सुविधा है। वहीं भर्ती मरीज जांच या माइनर ऑपरेशन के लिए दंत चिकित्सा महाविद्यालय आते हैं। संभवतः उसी प्रक्रिया के तहत मरीज को लाया गया होगा। अन्य जानकारी फिलहाल उपलब्ध नहीं है।
-डॉ. अलका गुप्ता, प्राचार्य, शासकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय