इंदौर

MP में बनेगा पहला क्वांटम कम्प्यूटर, हाई टेक्नोलॉजी की दौड़ में इंदौर की बड़ी छलांग

MP first quantum computer: मध्यप्रदेश को मिलेगी हाईटेक पहचान, देश के 23 संस्थानों में शामिल एसजीएसआइटीएस, आरजीपीवी के विद्यार्थी भी प्रोग्राम में हो सकेंगे शामिल, साइबर सुरक्षा-मेडिकल सुविधाएं सब बदल देगा

2 min read
Apr 29, 2026
MP Quantum computer high tech computing(photo: freepik)

MP first quantum computer: मध्यप्रदेश हाईटेक टेक्नोलॉजी की दौड़ में बड़ी छलांग लगाने जा रहा है। श्री गोविंदराम सेकसरिया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस (SGSITS) में 3 साल में क्वांटम कम्प्यूटर तैयार होंगे। ये कम्प्यूटर रूम टेम्परेचर पर काम करेंगे। ऐसा करने वाला यह मध्यप्रदेश (MP)का इकलौता संस्थान होगा। यह तकनीक नई दवाइयों की खोज में मददगार होगी। अभी दवाइयों की खेाज में वर्षों लगते हैं। यह सिस्टम अणुओं के व्यवहार को सटीक सिमुलेट करेगा। दुर्लभ बीमारियों की दवा जल्द बन सकेगी। इंटरनेट सुरक्षा ज्यादा मजबूत होगी। साइबर सिक्योरिटी बढ़ेगी। ट्रैफिक, फ्लाइट शेड्यूल में आ रहीं ऑप्टिमाइजेशन की समस्या भी यह हल करेगा। इससे ईंधन बचेगा।

ये भी पढ़ें

AAP छोड़ भाजपा में शामिल हुए सांसदों पर भड़के दिग्विजय सिंह, बोले- ‘सत्यानाश हो जाएगा’

8000 से ज्यादा आवेदन आए

देश के 23 संस्थानों में एक हमारे देश में नेशनल क्वांटम मिशन के तहत क्वांटम कम्यूप्टिंग लैब के लिए 8000 से ज्यादा आवेदन आए। इनमें से 23 संस्थान चुने। ज्यादातर आइआइटी-ट्रिपल आइटी हैं। मध्यप्रदेश से राज्य इंजीनियरिंग कॉलेज SGSITS को चुना। संस्थानों को डिपार्टमेंट ऑफ साइंस-टेक्नोलॉजी (डीएसटी) 1-1 करोड़ रुपए फंड देगा।

स्टूडेंट्स को मिलेंगे नए कोर्स और ड्यूल डिग्री के अवसर

संस्थान में क्वांटम कम्प्यूटिंग की पढ़ाई और रिसर्च को बढ़ावा दिया जा रहा है। यहां पहले से 15 सीटों पर एमटेक इन क्वांटम कम्प्यूटिंग कोर्स चल रहा है। अब बीटेक में 20 क्रेडिट का माइनर प्रोग्राम शुरू होगा। हर सेमेस्टर 5-5 क्रेडिट दिए जाएंगे। इस कोर्स में 30 सीटें रहेंगी। इसे करने वाले छात्रों को बीटेक के साथ अतिरिक्त डिग्री मिलेगी। राजीव गांधी प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय (RGPV) से जुड़े छात्र ड्यूल डिग्री प्रोग्राम में भी हिस्सा ले सकेंगे।

स्टार्टअप-रिसर्च को बढ़ावा

क्वांटम कम्प्यूटिंग इंटर डिसिप्लिनरी क्षेत्र। इसमें कम्प्यूटर साइंस, आइटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, फिजिक्स और मैथ्स जैसे विषयों के विशेषज्ञ मिलकर काम करेंगे।

  • लैब में छात्रों को क्वांटम डिवाइस बनाने की ट्रेनिंग।
  • इंटर्नशिप और स्टार्टअप शुरू करने में भी मदद मिलेगी।
  • संस्थान क्वांटम मटेरियल पर भी काम करेगा।

देश में ऐसा…

  • देश में क्वांटम टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने 4 बड़े हब आइआइटी दिल्ली, बॉम्बे, चेन्नई और खडग़पुर पहले से काम कर रहे हैं।
  • उन्हें स्टार्टअप और रिसर्च के लिए 800 करोड़ फंड दिया। 8 स्टार्टअप शुरू।
  • आंध्र प्रदेश में चंद्रबाबू नायडू सरकार ने बड़ा निवेश किया।
  • 40 क्यूबिट का सिस्टम स्थापित किया है। विश्व में 1000 क्यूबिट तक के क्वांटम कम्प्यूटर।

टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में बड़ा कदम

यह प्रोजेक्ट मध्यप्रदेश (MP) ही नहीं, देश के लिए भी टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में बड़ा कदम साबित होगा। आने वाले 3 साल में लक्ष्य पूरा होने पर इंदौर क्वांटम टेक्नोलॉजी का प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा।

-जेटी एंड्रूस थॉमस, एचओडी, फिजिक्स, एसजीएसआइटीएस

ये भी पढ़ें

जमानत के बावजूद इंदौर नहीं आ पाएगी सोनम, राजा रघुवंशी मर्डर केस में कोर्ट ने रख दी बड़ी शर्त
Updated on:
29 Apr 2026 09:29 am
Published on:
29 Apr 2026 09:25 am
Also Read
View All