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जमानत के बावजूद इंदौर नहीं आ पाएगी सोनम, राजा रघुवंशी मर्डर केस में कोर्ट ने रख दी बड़ी शर्त

Raja Raghuvanshi Murder Case : राजा रघुवंशी हत्या की मुख्य सूत्रधार सोनम को शिलांग कोर्ट ने जमानत तो दे दी है पर न्यायालय ने उस पर कुछ ऐसी पाबंदियां लगा दी हैं, जिसकी वजह से वो इंदौर नहीं आ सकेगी। जानें कारण..।

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Raja Raghuvanshi Murder Case

जमानत के बावजूद इंदौर नहीं आ पाएगी सोनम (Photo Source- Patrika)

Raja Raghuvanshi Murder Case : देश की सबसे बड़ी मर्डर मिस्ट्री रहे मध्य प्रदेश के आर्थिक शहर इंदौर के राजा रघुवंशी हत्याकांड से ट्विस्ट खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहे हैं। सबसे पहले हनीमून पर गए पति पत्नी का अचानक से गायब होना, फिर पति राजा रघुवंशी की लाश गहरी खाई में क्षत-विक्षत हालत में बरामद होना, फिर पत्नी सोनम रघुवंशी का अपने ही पति का कातिल साबित होना और महज एक साल से भी कम समय में कथित कातिल पत्नी का जमानत पर जेल से रिहा होना और अब शिलांग कोर्ट ने सोनम रघुवंशी केस में जो फैसला सुनाया है, उसने भी हर किसी को हैरान करके रख दिया है।

बता दें कि, राजा रघुवंशी हत्याकांड की मुख्य सूत्रधार कथित पत्नी सोनम को शिलांग कोर्ट ने जमानत पर छोड़ तो दिया है, पर न्यायालय ने उस पर कुछ ऐसी पाबंदियां लगा दी हैं, जिसकी वजह से वो इंदौर जाना तो दूर की बात वो शिलांग छोड़कर देश के किसी अन्य हिस्से में भी नहीं जा सकेगी।

इन शर्तों पर दी कोर्च ने जमानत

शिलांग कोर्ट ने सोनम रघुवंशी को जिन शर्तों के आधार पर जमानत दी है, उनमें पहली शर्त ये है कि, जबतक इस केस का फैसला नहीं आ जाता सोनम शिलांग छोड़कर किसी अन्य शहर नहीं जा सकेगी। कोर्ट का आदेश है कि, आरोपी शहर से फरार नहीं होगी। केस से जुड़े किसी सबूत से छेड़छाड़ या गवाहों से मुलाकात तक नहीं करेगी। साथ ही उसे कोर्ट की निधारित हर तारीख पर किसी भी परिस्थिति में उपस्थित होना होगा। कोर्ट की अनुमति लिए बिना, वो क्षेत्राधिकार से बाहर नहीं निकल सकेगी। इसी के साथ कोर्ट ने 50 हजार के निजी मुचलके और 2 जमानतदारों के निवेदन पर उसे जमानत दी है।

पुलिस की लापरवाही बनी सोनम की रिहाई का कारण!

ऐसा माना जा रहा है कि, पुलिस द्वारा केस में की गई कई खामियों के चलते सोनम को कोर्ट से जमानत मिलने में आसानी हुई है। दरअसल, गिरफ्तारी के कारण (Grounds of Arrest) स्पष्ट नहीं बताए गए हैं। कोर्ट ने पाया कि, आरोपी को गिरफ्तारी के समय जिन धाराओं और तथ्यों के आधार पर पकड़ा गया, उनकी सही और स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। दस्तावेज़ों में भी ये साफ नहीं था कि, किन धाराओं के तहत गिरफ्तारी की गई है, जिससे आरोपी को अपने बचाव का पूरा मौका नहीं मिल गया।

संवैधानिक अधिकारों का हुआ उल्लंघन

गिरफ्तारी के कारण न बताना संविधान के अनुच्छेद 22 (1) का उल्लंघन माना गया है। सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के अनुसार, ये आरोपी का मौलिक अधिकार है कि उसे तुरंत गिरफ्तारी का कारण बताया जाए।

बचाव में नुकसान (Prejudice) हुआ

कोर्ट ने माना कि गिरफ्तारी के सही आधार न बताने से आरोपी को अपने बचाव की तैयारी करने में नुकसान हुआ है।

दस्तावेज़ों में गंभीर त्रुटियां (Clerical/Procedural Errors)

केस से जुड़े सभी दस्तावेज़ों में अलग-अलग धाराएं दर्शाई गई हैं, यानी सही जानकारी नहीं दी गई थी, जिससे मामला संदेहास्पद बन गया।

गिरफ्तारी प्रक्रिया का सही पालन नहीं हो सका

कोर्ट ने माना कि, गिरफ्तारी के समय कानून के जरूरी प्रावधानों का पालन नहीं किया गया, जिससे गिरफ्तारी की वैधता पर सवाल खड़े हुए हैं।

सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला

कोर्ट ने ये भी माना कि, अगर गिरफ्तारी के समय संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन होता है तो ऐसे मामलों में जमानत दी जा सकती है। भले ही मामला कितना ही गंभीर क्यों न हो।

सोनम बिना कोर्ट की अनुमति के क्षेत्रीय अधिकार से बाहर नहीं जा सकगी। उसे इंदौर आने के लिए न्यायालय से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। इसके बाद ही सोनम शिलांग के अलावा दूसरे किसी राज्य में जा सकेगी। अगर वो कोर्ट की अनुमति के बिना कहीं निकली तो इसे जमानत की शर्त का उल्लंघन माना जाएगा।

राजा परिवार का एकादशी कनेक्शन

राजा रघुवंशी के परिवार का एकादशी से जुड़े कई कनेक्शन सामने आए हैं। दरअसल, राजा रघुवंशी की जिस दिन हत्या हुई, उस दिन एकादशी थी। राजा के परिवार में भाई के घर जिस दिन बच्चे ने जन्म लिया, उस दिन भी एकादशी थी। यही नहीं, सोनम रघुवंशी की रिहाई भी 27 अप्रैल यानी एकादशी के दिन ही हुई है।

ये है पूरा मामला

एमपी के आर्थिक नगर इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी 30 वर्षीय राजा रघुवंशी और 25 वर्षीय सोनम रघुवंशी की बीते साल 11 मई 2025 को शादी हुई थी। शादी के बाद दोनों ने हनीमून के लिए पहले कश्मीर जाने की योजना बनाई थी, लेकिन बाद में उन्होंने कामाख्या मंदिर दर्शन के बहाने मेघालय का रुख किया। 20 मई को दोनों इंदौर से बेंगलुरु और वहां से असम के गुवाहाटी होते हुए मेघालय की यात्रा की। 22 मई को वो शिलांग के मावलखियाट गांव स्थित शिपारा होम स्टे में रुके और वहीं से स्कूटी किराए पर लेकर घूमने निकले।

2 जून को राजा रघुवंशी की मिली थी लाश

2 जून 2025 को वेई सॉवडॉन्ग झरने के पास एक गहरी खाई से राजा का शव बरामद हुआ, जिससे उनकी हत्या की पुष्टि हुई। उनकी स्कूटी भी पास ही लावारिस हालत में मिली थी। राजा का शव 4 जून को इंदौर लाया गया और इसी दिन अंतिम संस्कार किया गया था।

गाजीपुर से पकड़ाई सोनम

इसके बाद 8 जून 2025 रविवार को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में नंदगंज पुलिस स्टेशन के सामने सोनम रघुवंशी ने आत्मसमर्पण कर दिया। सोनम को हिरासत में लेने के बाद पुलिस ने रातभर छापेमारी की। पुलिस ने तीन अन्य आरोपियों राज कुशवाह (सोनम का बॉयफ्रेंड), विशाल चौहान और आकाश राजपूत को इंदौर से गिरफ्तार किया। इसके साथ ही एक अन्य आरोपी आनंद कुर्मी को सागर जिले के बीना से पकड़ा है।