
इंदौर. विधायक आकाश विजयवर्गीय और निगम अफसर धीरेंद्र बायस के बीच जिस मकान को लेकर विवाद हुआ था उसे नगर निगम मकान मंगलवार को तोड़ेगा। रविवार को पुलिस बल के अभाव में कार्रवाई नहीं हुई। इसी मकान को लेकर विधायक आकाश विजयवर्गीय ने भवन निरीक्षक धीरेंद्र बायस को क्रिकेट बेट से मारा था। रविवार को इसे तोडऩे के लिए नोटिस जारी किया था, लेकिन शनिवार रात को पुलिस ने बल मुहैया कराने से इंकार कर दिया। अब नगर निगम ने मकान को इसे गिराने के लिए मंगलवार की तारीख तय की है।
विधायक आकाश विजयवर्गीय के रविवार सुबह जमानत पर छूटने के बाद से ही सीआईडी व खुफिया शाखा के कर्मचारी उन पर नजर रखे हुए हैं। जेल से छूटते ही आकाश बीजेपी कार्यालय पहुंचे, जहां पुलिस की टीम उनकी निगरानी करती दिखी। यही नहीं, बीजेपी कार्यालय व उसके पहुंच मार्ग पर भी पुलिस जवान तैनात थे। सूत्रों के मुताबिक पुलिस समर्थकों द्वारा विजयी जुलूस निकालने की स्थिति का पता लगा रही थी। हालांकि कार्यालय से आकाश कार में बैठ नंदा नगर स्थित निवास पर पहुंचे।
मारपीट करने वाले आरोपी घूम रहे शिर्डी में
उधर, नगर निगम अधिकारी से मारपीट के मामले में फरार आरोपी एक साथ घूम रहे हैं। उनकी लोकेशन शिर्डी में पता चली है। पुलिस टीम उनकी तलाश में लगी है। भवन अधिकारी धीरेंद्र बायस से मारपीट के मामले में पुलिस ने उनके बयान के आधार पर भरत खस, जीतू खस, मोनू कल्याणे, नितिन शर्मा, अभिषेक गौड़, पंकज पांडे को आरोपी बनाया था। इसके बाद से सभी फरार हो गए।
उनकी तलाश में जुटी पुलिस को पता चला है कि सभी आरोपी एक साथ हैं। उनकी लोकेशन शिर्डी की आई है। ये भी चर्चा है कि जल्द ये सभी सरेंडर कर सकते हैं। वहीं पुलिस बायस से अन्य आरोपियों की पहचान भी कराना चाहती है। बायस अभी निजी अस्पताल में भर्ती हैं। रविवार शाम पुलिस की एक टीम उनके बयान लेने अस्पताल गई थी।
यह है पूरा मामला
जोनल अफसर धीरेंद्र बायस और असीत खरे नगर निगम की टीम के साथ जेल रोड के पास गंजी कंपाउंड स्थित एक दो मंजिला खतरनाक मकान तोडऩे पहुंचे थे। इसमें करीब पांच परिवार रह रहे थे। वैसे तो सबने मकान खाली कर दिया था, लेकिन एक किराएदार अफसरों से विवाद करने लगा। इतने में विधायक आकाश विजयवर्गीय और अफसरों से उनका विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि विधायक ने बैट उठा लिया और निगम अफसर धीरेंद्र बायस को दौड़ा-दौड़ाकर पीट दिया। उनके साथ आए कार्यकर्ताओं ने भी अफसर से मारपीट की। हंगामा होते ही क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई।