- झमाझम बारिश के बाद नर्मदा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है - डेम का लेवल रूल के हिसाब से 131 मीटर पर मेंटेन किया जा रहा है। - तीन जिलों में नर्मदा नदी के किनारे बसे 42 गांव अलर्ट पर है।
इंदौर. गुरुवार को पश्चिमी मध्यप्रदेश में रेड अलर्ट ( red alert ) जारी किया गया था। इंदौर भी इससे अछूता नहीं रहा। दिनभर तो हलकी बारिश होती रही, लेकिन शाम के बाद चक्रवाती सिस्टम तेजी से सक्रिय हुआ और तेज बारिश शुरू हो गई, जो रातभर होती रही। सिस्टम अब भी सक्रिय है और आज के लिए फिर से रेड अलर्ट जोन में रही रखा गया है। इधर दूसरी ओर झमाझम बारिश के बाद नर्मदा ( narmada river ) का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। गुरुवार शाम 6 बजे तक नर्मदा का जलस्तर 129 मीटर तक पहुंचा। लगातार बारिश से डूब से प्रभावित गांवों के खेतों में बैक वाटर घुसने लगा है। सरदार सरोवर बांध ( Sardar Sarovar Dam water level live ) के 30 में से 22 गेट खोले गए हैं। 96 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
डेम का लेवल रूल के हिसाब से 131 मीटर पर मेंटेन किया जा रहा है। तीन जिलों में नर्मदा नदी के किनारे बसे 42 गांव अलर्ट पर है। ्रडूब में आने वाले करीब 4000 से ज्यादा परिवार अब भी मूल गांव में ही बसे हैं। यदि बारिश अगले 24 घंटे तक जारी रही तो नर्मदा जलस्तर 138 मीटर तक पहुंच सकता है। ऐसे में कई परिवारों का बिना पुनर्वास घर,जमीन डूब जाएगी।
सरदार सरोवर बांध का बैक वाटर बढ़ा, घरों और दुकानों का सामान हटाया
नर्मदा का जलस्तर 138.80 मीटर होने पर निसरपुर डूब जाएगा। वर्तमान में निचली बस्तियां डूब गई है। निसरपुर में गुरुवार को सरदार सरोवर के बैक वाटर के साथ ही ऊपरी क्षेत्र में 24 घंटों से लगातार तेज बारिश से बढ़ रहे जलस्तर को देखते हुए निसरपुर निचली बस्ती से दुकानदारों ने अपनी दुकानों और घरों का सामान खाली किया।
कमिश्नर और कलेक्टर पहुंचे डूब क्षेत्र में
गुरुवार को इंदौर संभागायुक्त आकाश त्रिपाठी, कलेक्टर श्रीकांत बनोठ ,एसपी आदित्यप्रताप सिंह सहित प्रशासनिक अमले ने निसरपुर डूब क्षेत्र का जायजा लिया। लोगों ने कमिश्नर को बताया कि हमारे घरों में पानी आ गया लेकिन हमें शासन से पुनर्वास पैकेज 5 लाख 80 हजार नहीं मिले। इस पर कमिश्नर ने दो टूक कहा कि अभी तो हमें लोगों की जान माल की चिंता है।
इंदौर में 24 घंटे में तीन इंच बारिश
इंदौर में कल सुबह से लेकर आज सुबह साढ़े आठ बजे तक 78.2 मिमी (3 इंच) बारिश हो चुकी है। इसे मिलाकर इंदौर का कुल आंकड़ा 640 मिमी (25 इंच) हो चुका है। कल शाम शुरू हुई तेज बारिश ने सडक़ों को भर दिया था, रातभर भी बादलों ने आराम नहीं किया। बरसते ही रहे और सुबह तक बारिश तो थम गई थी, लेकिन सडक़ों पर भरा पानी गवाही दे रहा था कि रात में तेज बारिश हुई है। दरअसल बंगाल की खाड़ी से उठे सिस्टम ने पूरे मध्यप्रदेश को कवर कर रखा है। इंदौर के आसपास के जिलों में तो काफी तेज बारिश हो रही है, जिससे वहां के हालात बदतर हो चले हैं, लेकिन कल इंदौर भी इससे अछूता नहीं रहा। मौसम केंद्र का कहना है कि यह सिस्टम अभी बना हुआ है और आने वाले 24 घंटे में तेज बारिश की ही संभावना है।