इंदौर

30 साल तक कठोर संघर्ष करते रहे नेमनाथ जैन, पढ़ने के लिए नौकरी भी की, फिर बनाया 1000 करोड़ का प्रेस्टीज ग्रुप

Nemnath Jain Prestige Group : जाने-माने उद्योगपति नेमनाथ जैन को 2021 में राष्ट्रपति भवन में मिला था पद्मश्री, रावलपिंडी छोड़कर इंदौर को बनाया कार्यक्षेत्र
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Sep 23, 2026
नेमनाथ जैन
नेमनाथ जैन - image credit - instagram-piemr_indore_official

Nemnath Jain : जानेमाने उद्योगपति, प्रेस्टीज उद्योग एवं शैक्षणिक समूह के संस्थापक नेमनाथ जैन का निधन हो गया है। बुधवार सुबह उन्होंने इंदौर में अंतिम सांसें लीं। पिछले सप्ताह ही 17 सितंबर को उनका जन्मदिवस था। स्वर्गीय नेमनाथ जैन 95 साल के थे। उनका अंतिम संस्कार मेघदूत मुक्तिधाम में किया जाएगा। स्वर्गीय नेमनाथ जैन का जन्म रावलपिंडी में हुआ लेकिन विभाजन के बाद पूरे परिवार को सबकुछ छोड़कर भागना पड़ा। वे इंदौर आ गए। पढ़ाई के साथ साथ नौकरी भी की। नेमनाथ जैन ने करीब 3 दशक के संघर्ष के बाद प्रेस्टीज ग्रुप की स्थापना की। अब यह करीब 1 हजार करोड़ की कंपनी बन चुकी है।

इंदौर में उद्योग के पर्याय रहे डॉ. एनएन जैन को भारत सरकार ने पद्म श्री से सम्मानित किया था। प्रेस्टीज ग्रुप के संस्थापक चेयरमैन के रूप में उन्होंने सोयाबीन की खेती के एकीकृत विस्तार में अहम भूमिका निभाई। इतना ही नहीं, डॉ. एनएन जैन ने सोया प्रोसेसिंग इंडस्ट्री, सोया तेल, पशु आहार, आटा मिलिंग और सोया मील के निर्यात के लिए अथक प्रयास कर जबर्दस्त बढ़ावा दिया। वैश्विक बाजार में भारत के सोया उत्पादों की पैठ बढ़ाई।

सोय मैन ऑफ द मिलेनियम

सोयाबीन की खेती और उत्पादों में बढ़ौत्तरी के लिए प्रेस्टीज ग्रुप के संस्थापक चेयरमैन डॉ. एनएन जैन को खूब ख्याति मिली। यहां तक की उन्हें 'सोय मैन ऑफ द मिलेनियम' कहा जाने लगा। भारत के जाने-माने पब्लिकेशन ग्रुप 'द सार्क ऑयल्स एंड फैट्स टुडे' ने डॉ. एनएन जैन को यह खिताब दिया। इसी योगदान के लिए बाद में उन्हें पद्म श्री से भी सम्मानित किया गया।

पढ़ाई के साथ एक मिल में नौकरी करते रहे

डॉ. एनएन जैन की एक जाने-माने टेक्नोक्रेट और पहली पीढ़ी के उद्यमी के रूप में पहचान बनी लेकिन इसके लिए उन्होंने दशकों तक अथक संघर्ष किया। वे करीब 16 साल की आयु में इंदौर आ गए थे। यहां पढ़ाई के साथ एक मिल में नौकरी भी करते रहे। डॉ. एनएन जैन ने इंदौर से ही इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल में इंजीनियरिंग की। वे अपने बैच के प्रतिभाशाली छात्रों में रहे।

30 साल बाद बनाया प्रेस्टीज समूह

डॉ. एनएन जैन ने करीब 30 सालों तक नौकरी करने के बाद कैटल फीड प्लांट के रूप में प्रेस्टीज समूह की स्थापना की। इसके बाद कृषि और खाद्य क्षेत्र में तेजी से विस्तार किया। देखते ही देखते प्रेस्टीज समूह का सोया उत्पादों और एग्री-बिजनेस का कारोबार करीब 40 देशों में फैल गया। डॉ. एनएन जैन ने शिक्षा के क्षेत्र में भी समूह का विस्तार किया। इंदौर के अलावा देवास और ग्वालियर में भी प्रेस्टीज संस्थानों का प्रभुत्व स्थापित हो गया। उन्होंने बाद में प्रेस्टीज यूनिवर्सिटी की भी स्थापना की।

Updated on:
23 Sept 2026 02:31 pm
Published on:
23 Sept 2026 02:30 pm