इंदौर मंडी में हुआ नए गेहूं का श्रीगणेश, कम आवक से बढ़ेगा आयात

डबलचौकी तरफ से आया 25 बोरी नया गेहूं चारभूजा ट्रेडिंग कंपनी ने 2171.25 रुपए प्रति क्विंटल में खरीदा।
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Updated: 17 Jan 2017, 8:26 AM IST
wheat grain
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इंदौर। कृषि उपज मंडी में नए गेहूं का श्रीगणेश हुआ। डबलचौकी तरफ से आया 25 बोरी नया गेहूं चारभूजा ट्रेडिंग कंपनी ने 2171.25 रुपए प्रति क्विंटल में खरीदा। पुराने गेहूं की 400 बोरी आवक हुई। बताया जा रहा है कि जल्द बोई गई गेहूं की फसल आना शुरू हो गई है, लेकिन फरवरी तक ही अच्छी मात्रा में गेहूं आएगा। मंडी में मक्का की 200 बोरी आवक हुई। इंदौर पीली मक्का डिलीवरी 1470, घाटाबिल्लौद 1485, मंदसौर 1450, धुलिया 1460 व आनंद 1500 रुपए में कामकाज हुए। गेहूं की 700 बोरी आवक हुई।

आयात बढ़ने की संभावना

देश में गेहूं की कम पैदावार की वजह से गेहूं आयात को लेकर जितना अनुमान लगाया जा रहा था अब उससे भी ज्यादा आयात होने की संभावना है। रोल फ्लोर मिल फेडरेशन ऑफ इंडिया के मुताबिक 2016.17 सीजन में अबतक देश में करीब 27 लाख टन गेहूं का आयात हो चुका है और मार्च से पहले और 12 लाख टन गेहूं का आयात होने का अनुमान लगाया जा रहा है। अप्रैल से शुरू हुए सीजन 2016.17 के दौरान देश में गेहूं की पैदावार में भारी गिरावट देखने को मिली है।

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सरकारी अनुमान हालांकि 935 लाख टन का है लकिन इंडस्ट्री का मानना है कि उत्पादन 850 लाख टन से भी कम हुआ है। ऐसे में घरेलू जरूरत को पूरा करने के लिए इस साल आयात पर निर्भर रहना पड़ रहा है। सीजन की शुरुआत में इस साल देश में करीब 20 लाख टन गेहूं आयात होने का अनुमान लगाया जा रहा था लेकिन अब इस अनुमान को बढ़ाकर 40 लाख टन किया गया है।

अनाज : गेहूं मिल क्वालिटी 1850 से 1900, गेहूं (147) 1950 से 2050, बेस्ट 2100 से 2150, लोïकवन 1850 से 1950, लोकवन बेस्ट 2000 से 2150, चंदौसी 3000 से 3200, ज्वार : पशु आहार 1300 से 1350, संकर बोल्ड 1350 से 1400, सफेद 2000 से 2100, मक्का : पीली 1360 से 1370, मक्का गज्जर 1330 से 1340 रुपए। गेहूं मिल डिलीवरी इंदौर 2000 से 2020, जलगांव, अमलनेर, धूलिया 2060, थाना 2100, खपौली 2100, अहमदनगर 2080, औरंगाबाद 2080, पूणे 2100 रुपए।

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फसल के लिए अनुकूल मौसम

जनवरी के दौरान देश में गेहूं की फसल के लिए बने अनुकूल मौसम से इस साल गेहूं की पैदावार रिकॉर्ड स्तर को पार करने का अनुमान लगाया जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि अबतक बीते सीजन को देखकर लग रहा है कि इस साल देश में गेहूं की पैदावार 960-970 लाख टन के पार जाने का अनुमान लगाया जा रहा है। अबतक जो मौसम बीता है उसे देखते हुए लग रहा है कि उत्पादन का लक्ष्य हासिल हो सकता है।

पिछले 10 साल से देश में गेहूं की औसत उत्पादकता 30-32 क्विंटल प्रति हेक्टेयर के करीब चल रही है और इस साल उम्मीद है कि उत्पादकता 32 क्विंटल प्रति हेक्टेयर रह सकती है। ऐसे में उत्पादन 960 लाख टन तक पहुंच सकता है। नया खरीद सीजन 2017-18 अप्रैल से शुरू होगा और उत्पादन अच्छा होता है तो ऐसी उम्मीद है कि सरकारी एजेंसियां 300 लाख टन से ज्यादा गेहूं की खरीद कर सकती हैं।
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