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India Weather Update: बंगाल की खाड़ी में बन रहा नया मौसम सिस्टम पूर्वी तट की ओर बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से रविवार, 1 नवंबर को ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश और यानम में भारी बारिश होने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शनिवार को जारी बुलेटिन में इसकी जानकारी दी। पूर्वी और दक्षिण भारत के कई अन्य इलाकों में भी गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं, दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब समेत उत्तर-पश्चिम भारत के ज्यादातर हिस्सों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है।
मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी और आसपास के अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के पास बना कम दबाव का क्षेत्र अब और मजबूत हो गया है। इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है। इससे पूर्वी तट के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
IMD ने 1 नवंबर को ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश और यानम में भारी बारिश का अनुमान जताया है। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसम सिस्टम के आगे बढ़ने से इन इलाकों में बारिश तेज हो सकती है। इसके अलावा मध्य और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने दक्षिण भारत में अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रहने का अनुमान भी जताया है।
अगले सप्ताह के शुरुआती दिनों में तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में भारी बारिश हो सकती है। केरल और माहे में भी तेज बारिश की संभावना जताई गई है। इस तरह बंगाल की खाड़ी में बन रहा सिस्टम पूर्वी तट के साथ-साथ दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश की गतिविधियों को प्रभावित कर सकता है।
बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम ऐसे समय बन रहा है, जब आंध्र प्रदेश और यानम के तटीय इलाकों में चक्रवाती तूफान अरनब का असर अभी हाल में ही देखने को मिला था। 28 अक्टूबर को बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान अरनब ने आंध्र प्रदेश और यानम के तट को पार किया था। इस दौरान तेज हवाओं और भारी बारिश के कारण कई इलाकों में नुकसान हुआ था।
इसके बाद अरनब कमजोर होकर मध्य भारत के कुछ हिस्सों में कम दबाव के क्षेत्र में बदल गया। मौसम विभाग के मुताबिक, अरनब के कमजोर पड़ने से बना सिस्टम अब दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहे नए सिस्टम से अलग है। नया सिस्टम पहले दक्षिण अंडमान सागर और आसपास के क्षेत्रों में कम दबाव के रूप में बना था। शनिवार सुबह तक यह और मजबूत होकर स्पष्ट रूप से चिह्नित कम दबाव का क्षेत्र बन गया।
IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक, यह सिस्टम पहले डिप्रेशन और फिर चक्रवाती तूफान में बदल सकता है। इसके 2 नवंबर की शाम तक पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में आंध्र प्रदेश के तट के पास पहुंचने की संभावना है। हालांकि, सिस्टम किस दिशा में आगे बढ़ेगा और इसकी तीव्रता कितनी होगी, यह इसके अगले कुछ दिनों के विकास पर निर्भर करेगा। इसलिए इसके संभावित रास्ते और असर को लेकर मौसम विभाग के आगे के अपडेट महत्वपूर्ण होंगे।
जहां पूर्वी और दक्षिण भारत में बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है, वहीं उत्तर-पश्चिम भारत के ज्यादातर हिस्सों में 1 नवंबर को मौसम शुष्क रह सकता है। दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में इस दिन बड़े पैमाने पर बारिश की संभावना नहीं है।
Published on:
1 Nov 2026, 4:00 AM IST
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