इंदौर

कलेक्टोरेट में ओला ड्राइवर ने की आत्मदाह की कोशिश, पुलिस ने दौड़ा-दौड़ाकर मारे डंडे

पुलिस ने लाठीचार्ज शुरू कर दिया। पुलिस ने ऑटो ड्राइवरों को दौड़ा-दौड़ाकर पीट डाला। इस दौरान कई ड्राइवर गिर गए। इसके बाद भी पुलिस उन्हें पीटती रही।
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Aug 26, 2019
कलेक्टोरेट में ओला ड्राइवर ने की आत्मदाह की कोशिश, पुलिस ने दौड़ा-दौड़ाकर मारे डंडे
कलेक्टोरेट में ओला ड्राइवर ने की आत्मदाह की कोशिश, पुलिस ने दौड़ा-दौड़ाकर मारे डंडे

इंदौर. ओला कैब के करीब 300 ड्राइवर सोमवार को प्रदर्शन करने के लिए कलेक्टोरेट पहुंच गए। वहां एक ऑटो ड्राइवर ने खुद पर घासलेट डालकर आत्मदाह करने की कोशिश की। इसके बाद हंगामा मच गया और पुलिस ने लाठीचार्ज शुरू कर दिया। पुलिस ने ऑटो ड्राइवरों को दौड़ा-दौड़ाकर पीट डाला। इस दौरान कई ड्राइवर गिर गए। इसके बाद भी पुलिस उन्हें पीटती रही।

गौरतलब है कि है कि एप बेस्ड कंपनी ओला शहर में ई-कैप का संचालन कर रही है। ओला चालकों को आरोप है कि कंपनी के पास टे्रड सर्टिफिकेट ही नहीं है। इस लिहाज से कंपनी की सेवाएं इंदौर तत्काल बंद होना चाहिए। धरना प्रदर्शन, भूख हड़ताल, शिकायत, ज्ञापन आदि के बाद भी जब सुनवाई नहीं हुई तो ई कैब चालकों सोमवार को कलेक्टोरेट पहुंच गए। कैब संचालक और इनके कुछ साथी कलेक्टर से मिलने पहुंचे थे। भीतर बात चल ही रही थी कि बाहर खड़े ड्राइवर निलेश ने केरोसिन डालकर आत्मदाह की कोशिश की। इससे केरोसिन छुड़ाकर मामले को शांत करने की कोशिश कर ही रहे थे कि इनके साथ आए अन्य साथियों ने हंगामा कर दिया। कई अन्य मांग को लेकर ओला चालक पहले २९ जुलाई से 10 अगस्त और फिर २३ अगस्त से दोबारा हड़ताल पर चले गए हैं।

आत्मदाह की दी थी धमकी

आत्मदाह की कोशिश करने वाले इंदर सिंह यादव ने साथियों के लिए एक पत्र लिखा था। इसमें कहा कि - जब से ओला कंपनी इंदौर में आई है, तब से आपके अधिकारों की रक्षा के लिए लड़ते आया हूं। अब बात अस्तित्व के लिए है। अधिकारियों के लिखित में आश्वासन देने के बाद भी आपको न्याय नहीं दिला पाया हूं। लिहाजा मैंने और मेरे सहयोगी नीलेश गहलोत ने 26 अगस्त को कलेक्टर कार्यालय में सुबह 11 बजे आत्मदाह करने का फैसला लिया है।

Updated on:
26 Aug 2019 05:40 pm
Published on:
26 Aug 2019 05:40 pm