इंदौर

एमपी में जल्द शुरु हो रहा है मंदिर प्रबंधन से पोस्ट ग्रेजुएशन और डिप्लोमा, धार्मिक पर्यटन बढ़ेगा

Temple Management : मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि, मंदिर प्रबंधन से जुड़े कोर्स विश्वविद्यालयों के माध्यम से संचालित किए जाएंगे। ये स्नातकोत्तर और डिप्लोमा कोर्स दो वर्षीय होंगे।
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Updated: 23 Feb 2026, 7:42 AM IST
Temple Management
जल्द शुरु हो रहा है मंदिर प्रबंधन से पोस्ट ग्रेजुएशन और डिप्लोमा (Photo Source-Patrika)

Temple Management : मध्य प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और इसमें रोजगार सृजन के लिए मंदिर प्रबंधन में स्नातकोत्तर और डिप्लोमा कोर्स शुरू किए जाएंगे। यह जानकारी मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने रविवार को इंदौर में पत्रकारों को दी। उन्होंने कहा कि, मंदिर प्रबंधन से जुड़े कोर्स विश्वविद्यालयों के माध्यम से संचालित किए जाएंगे। ये स्नातकोत्तर और डिप्लोमा कोर्स दो वर्षीय होंगे।

कोर्स में सैद्धांतिक के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, ताकि मंदिर प्रबंधन को रोजगारपरक बनाया जा सके। इसके साथ ही प्रदेश के सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों का कायाकल्प किया जाएगा। काशी विश्वनाथ धाम और महाकाल लोक की तर्ज पर प्रदेश में 13 लोक बनाए जाएंगे। ओंकारेश्वर, चित्रकूट सहित कई धार्मिक स्थलों का विकास कार्य चल रहा है।

धार्मिक पर्यटन का केंद्र बना उज्जैन - सीएम

सीएम ने कहा- साल 2022 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की यात्रा के बाद उज्जैन धार्मिक पर्यटन का केंद्र बन गया है। अब मध्य प्रदेश में महाकाल लोक की तर्ज पर ओंकारेश्वर, मैहर की माताजी, राजाराम लोक ओरछा और सलकनपुर जैसे धार्मिक स्थलों को भी विकसित किया जा रहा है। सीएम ने कहा कि, मंदिर हमेशा से आस्था और श्रद्धा के केंद्र रहे हैं, लेकिन उनसे जुड़े वित्तीय और प्रबंधन पक्ष भी रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं, इसीलिए मंदिर प्रबंधन के कोर्स शुरू करके मंदिरों की वित्तीय व्यवस्था, प्रशासन, सुरक्षा, धार्मिक अनुष्ठान, कला और ललित कला को प्रोत्साहन दिया जाएगा।

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23 Feb 2026, 7:42 AM IST
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