इंदौर

बिना पैसे जान सकते हैं तीन रेखाओं से वर्तमान, भूत, भविष्य

बिना पैसे जान सकते हैं तीन रेखाओं से वर्तमान, भूत, भविष्य

2 min read
Apr 16, 2018


इंदौर द्य जी हां, सादे कागज पर तीन रेखाएं खीचिंए और फ्री में जानिएं कि आपका वर्तमान कैसा चल रहा है? भूतकाल कैसा रहा तथा भविष्य क्या होगा? यह सब कुछ आप जान सकते हैं फ्री में। हालांकि इसके लिए आपको जानने के लिए खुद जाना होगा विनायक समाधान पर। साथ ले जाना होंगे पूछने वाले सवाल, हालांकि एक बार में एक ही प्रश्न का उत्तर लेना आसान रहता है।
जूनी इंदौर चन्द्रभागा क्षेत्र में हर रविवार बिना किसी शुल्क के भविष्य जाना जा सकता है। इसमें जिस व्यक्ति को कुछ पूछना होता है उसे सामने बैठाकर सफेद कागज पर पेन-पेन्सिल से तीन रेखाएं खींचने को कहा जाता है। यह रेखाएं सीधी भी हो सकती है तो आड़ी भी, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।
इसमें इच्छुक व्यक्ति जो रेखाएं खींचता है उसमें पहली रेखा वर्तमान को बताती है। इस रेखा से पता चलता है कि व्यक्ति का चरित्र कैसा है, वह पढ़ा-लिखा है या नहीं, उसे कोई गंभीर बीमारी तो नहीं है? परेशान न हो समाधान भी बिलकुल फ्री रहता है।
इसी तरह दूसरी रेखा बताती है भूतकाल। यानि आपने बचपन में क्या किया, खट्टी-मीठी यादें, परिवार के प्रति आपका लगाव, जीवन में हुई खतरनाक घटनाएं तथा व्यक्तित्व में हुआ परिवर्तन।
तीसरी रेखा जिसमें भविष्य छिपा रहता है। इससे पता लगता है कि अब आप क्या करेंगे? जैसे सर्विस क्लास का अगला ट्रांसफर कब, कहां होगा? टॉरगेट ओरिएंटेड काम करने वाले अगला टॉरगेट पूरा कर पाएंगे या नहीं, या कोई अफेयर तो नहीं?
ज्योतिषी जगदीश सोलंकी इसके लिए हर रविवार इंदौर आते हैं तथा जरूरतमंदों को बिना किसी शुल्क के आसान परामर्श उपलब्ध कराते हैं। आप बताते हैं कि तीन रेखाओं से भविष्य जानना फेस रीडिंग का ही एक भाग है इसमें शारीरिक हलचल शख्स की पूरी जानकारी बयां कर देता है।

लोगों ने फ्री में भी नहीं लिया तो मंडी में फेंक गए हरा धनिया


इंदौर द्य लोकल धनिये की आवक बढ़ जाने से इसके भाव काफी कम हो गए। इसके चलते राजकुमार मिल सब्जी मंडी में हरा धनिया बेचने आए किसानों ने इसे फ्री में बांटा। इसके बाद भी कोई लेने को तैयार नहीं हुआ तो वहीं फेंक दिया। कारोबारी सतीश शर्मा ने बताया कि कीमत कम होने से किसान धनिया बेचने की बजाए फ्री में बांटते रहे, जब उसे भी कोई लेने को तैयार नहीं हुआ, तो बोरों में भरा धनिया यहीं फेंककर चले गए।

Published on:
16 Apr 2018 11:33 am
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