
Rahul Gandhi Chhatron Ki Goonj- कांग्रेस सांसद राहुल गांधी शनिवार को इंदौर में होने वाले छात्रों की गूंज कार्यक्रम में शामिल होने आए हैं। वे छात्रों से सीधा संवाद करने वाले हैं। इस कार्यक्रम के लिए कांग्रेस जेनजी को जोड़ रही है। उनके इंदौर कार्यक्रम को लेकर देशभर की निगाह लगी हैं। मध्यप्रदेश ही नहीं कई राज्यों से इस आयोजन को लेकर और राहुल गांधी को लेकर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय के साथ ही कांग्रेस के नेताओं ने भी अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
इधर, बिहार के पटना में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह (Giriraj Singh) ने भी मीडिया से बात करते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी है। गिरिराज सिंह ने कहा कि "छात्रों के लिए जब सोचना था तब वह लोकसभा में बिल फाड़ रहे थे। जब वह सत्ता में 10 साल थे, तब एक बार भी छात्रों से मुलाकात नहीं की। अब जब सत्ता से हट गए हैं तो छात्रों से बात कर रहे हैं। पीएम मोदी छात्रों से सीधा संपर्क करते हैं। मैं पूछना चाहता हूं कि आपके ज़माने में स्टार्ट अप कहां गया था? केवल नकारात्मक बातें करना नेता प्रतिपक्ष का काम नहीं।"
उधर, उत्तर प्रदेश के लखनऊ में कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने इंदौर में हो रहे छात्रों की गूंज कार्यक्रम पर कहा कि "छात्रों की गूंज तो हमारा मुसलसल चलने वाला प्रोग्राम है और आने वाले समय में छात्रों की गूंज, देश की गूंज बनेगी। राहुल गांधी जी लगातार जिस तरीके से गांव-गांव जा रहे हैं, पांव-पांव जा रहे हैं, नगर-नगर जा रहे हैं, डगर-डगर जा रहे हैं और जेन-जी के लिए और युवाओं के लिए बात कर रहे हैं और शिक्षा की व्यवस्था को बदलने की बात कर रहे हैं, पढ़ाई की व्यवस्था को बदलने की बात कर रहे हैं, एग्जाम की व्यवस्था को बदलने की बात कर रहे हैं, रोजगार देने की बात कर रहे हैं, छात्र और जेन-जी सारे के सारे राहुल गांधी जी के पीछे चल रहे हैं…"
शनिवार को उज्जैन पहुंचे भाजपा सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का भी बड़ा बयान सामने आया है। विजयवर्गीय ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि "यह झूठ की गूंज है और उन्होंने हर मामले में हमेशा झूठ ही बोला है। झूठ बोलकर समाज में कोई बदलाव नहीं लाया जा सकता। इंसान को सच्चाई के रास्ते पर चलना चाहिए। उनका नाम गांधी है, जिन्होंने हमेशा सच्चाई के रास्ते पर चलने की बात कही, लेकिन वे पूरी तरह झूठ के रास्ते पर चल पड़े हैं। इससे न तो उनका भला होगा और न ही देश का।"