इंदौर

Indore Chhatron Ki Goonj: धार के युवक ने कही ऐसी बात कि राहुल गांधी बोले- ‘I LOVE YOU’

Rahul Gandhi Indore: 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में स्टूडेंट्स व युवाओं ने मंच पर पहुंचकर बताए मध्यप्रदेश में रोजगार व शिक्षा के हालात, धार के युवक ने मंच से सुनाई शायरी।
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Updated: 19 Sep 2026, 9:03 PM IST
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rahul gandhi indore chhatron ki goonj dhar youth poem, राहुल गांधी व साथ में मंच पर धार के रवि वास्कले (Source- MP Congress X)

Indore Chhatron Ki Goonj Youth Poem: मध्यप्रदेश के इंदौर में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में राहुल गांधी ने बिगड़ती शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार पर जमकर निशाना साधा और सिस्टम को आड़े हाथों लिया। इस दौरान राहुल गांधी ने मध्यप्रदेश के युवाओं को मंच पर बुलाकर उनसे बातचीत की और उनकी समस्याएं जानीं। इस दौरान धार जिले के मनावर के रहने वाले एक छात्र ने मंच से बेरोजगारी को लेकर अपनी बात तो कही ही, साथ ही मंच से एक शायरी भी सुनाई। शायरी सुनकर राहुल गांधी ने युवक को आई लव यू कहकर अपना प्यार दिया।

युवक बोला- '2029 में आप प्रधानमंत्री बन जाओ'

धार जिले के मनावर के रहने वाले रवि वास्कले भी 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में मंच पर अपनी बात रखने के लिए पहुंचे। रवि ने दिल्ली में हुए सीजेपी के आंदोलन से लौटते वक्त हुए एक हादसे के बारे में बताया और मध्यप्रदेश में बेरोजगारी और नौकरियों में होने वाले भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया। इसके बाद रवि ने मंच से जाते वक्त एक शायरी सुनाते हुए कहा- राहें देखेंगे हम चाहे जमाने लग जाएं, या तो 2029 में आप प्रधानमंत्री बन जाएं या हम ठिकाने लग जाएं। रवि की इस शायरी पर राहुल गांधी ने मुस्कुराते हुए आई लव यू कहकर रवि को अपना प्यार दिया।

शिक्षा के गिरते स्तर के लिए सरकार जिम्मेदार- राहुल गांधी

कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने देश में बिगड़ती शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार पर निशाना साधा। राहुल गांधी ने कहा, 'शिक्षा के सिस्टम को चलाना और सुधारना, सरकार की जिम्मेदारी है। ये किसी बिजनेसमैन का काम नहीं है, लेकिन अब देश में उल्टा हो रहा है, पहले आईआईटी, आईआईएम बने, केन्द्रीय विद्यालय बने, जवाहर नवोदय विद्यालय बने लेकिन आज देशभर में सरकारी स्कूल बंद हो रहे हैं।' राहुल ने आगे कहा, जब देश में कांग्रेस की सरकार थी तब बजट का 4.6 प्रतिशत शिक्षा के लिए होता था, लेकिन उसके बाद लगातार घटाते-घटाते अब ये 2.6 प्रतिशत पर आ गया है। जो लाखों करोड़ रुपये शिक्षा के क्षेत्र से काटा गया है, वो उद्योगपतियों को दे दिया गया। स्टूडेंट्स से स्कॉलरशिप छीन ली गईं, टीचरों की भर्ती कम कर दी गई है।'

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19 Sep 2026, 9:03 PM IST
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