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दिवाली में स्वाद के चक्कर में सेहत से न करें समझौता, इंदौर में एक्सपर्ट ने बताया- कौन सी मिठाई खाएं ?

Diwali Sweets: त्योहारों पर मिठाई खरीदते समय ताजी और विश्वसनीय दुकानों से चुनें, पैकेज्ड व सिल्वर वर्क वाली से बचें। खजूर-अंजीर और ड्रायफ्रूट की मिठाइयों को प्राथमिकता दें व मात्रा सीमित रखें।
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इंदौर

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Astha Awasthi

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Updated: 6 Nov 2026, 5:45 PM IST

मिठाई, प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source- magnific)

मिठाई, प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source- magnific)

Indore news: त्योहारों का जश्न मिठाइयों के बिना अधूरा है, लेकिन स्वाद के साथ सेहत और शुद्धता का ध्यान रखना भी जरूरी है। बाजार मैं सजी रंग-बिरंगी मिठाइयों के बीच यह पहचानना मुश्किल होता है कि कौन-सी मिठाई ताजी है और किसमें मिलावट या पुरानी सामग्री का इस्तेमाल हुआ है। न्यूट्रिशन एक्सपर्ट और डायटीशियन की सलाह है कि त्योहारों पर विश्वसनीय दुकानों से ताजी मिठाई खरीदें। पैकेज्ड, सिल्वर वर्क और शुगरफ्री मिठाइयों से परहेज करें। घी, तेल और चाशनी से भरपूर मिठाइयों का सेवन भी सीमित रखें। खजूर, अंजीर और ड्रायफ्रूट से बनी मिठाइयों को प्राथमिकता देना बेहतर विकल्प है। इससे त्योहारी सीजन में सेहत पर प्रतिकूल असर की आशंका नहीं रहेगी।

पैकेज्ड मिठाइयां कई दिन पहले तैयार

एमपी एलाइड हेल्थ काउंसिल की न्यूट्रिशन एक्सपर्ट डॉ. प्रीति शुक्ला के अनुसार, बाजार में मिलने वाली पैकेज्ड मिठाइयां कई दिन पहले तैयार की जाती हैं। ऐसे में उनकी ताजगी और गुणवत्ता को लेकर सावधानी जरूरी है। सिल्वर कोटेड मिठाइयों में इस्तेमाल होने वाले वर्क की शुद्धता भी जांचना आसान नहीं होता। उन्होंने आर्टिफिशियल शुगर फ्री मिठाइ‌यों को भी बेहतर विकल्प मानने से बचने की सलाह दी। उनके अनुसार, मिठाइयां परंपरा और त्योहारों से जुड़ी हैं, इसलिए पूरी तरह परहेज के बजाय कम शक्कर और कम घी-मावे वाली ताजी मिठाइयां चुनें।

खजूर-अंजीर की मिठाइयां बेहतर विकल्प

डॉ. प्रीति शुक्ला ने खजूर और अंजीर के प्राकृतिक पल्य तथा ड्रायफूट से तैयार मिठाइयों को प्राथमिकता देने की सलाह दी। इनमें प्राकृतिक मिठास का उपयोग किया जा सकता है, वहीं चाशनी वाली मिठाइयों का सेवन कम करना चाहिए। बंगाली मिठाइयां लेते समय उनकी अतिरिक्त चाशनी निचोड़कर खाना भी एक विकल्प है।

एक्सपर्ट व्यू: डॉ. पूजा माहेश्वरी, डायटीशियन

चाशनी अलग रखें, जरूरत पर ही उपयोग करें

रसगुल्ला, गुलाब जामुन, मक्खन बड़े, घेवर और फैनी जैसी चाशनी, घी और तेल वाली मिठाइयों को नजरअंदाज करना बेहतर है। यदि इन्हें खरीदना हो तो सूखी मिठाई लें और खाने के समय घर पर ताजी चाशनी बनाकर उपयोग करें। इससे बाहर तैयार चाशनी की गुणवत्ता को लेकर होने वाली चिंता से बचा जा सकता है। खजूर, अंजीर और ड्रायफूट से बनी मिठाइयां भी अच्छा विकल्प हैं। इन्हें अपेक्षाकृत अधिक समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है।

बीमार हों या सेहतमंद, मात्रा रखें सीमित

विशेषज्ञों का कहना है कि मिठाई का सेवन किसी भी व्यक्ति को सीमित मात्रा में ही करना चाहिए। स्वस्थ व्यक्ति हो या किसी बीमारी से पीड़ित, दोनों के लिए अधिक मिठाई नुकसानदायक हो सकती है। त्योहारों में मिठाई खाने की परंपरा निभाते हुए उसकी गुणवत्ता, सामग्री और मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है।