restaurant on wheels : आप भी राजसी फील के साथ रेल कोच में स्वादिष्ट व्यंजनों का लुत्फ उठा सकते हैं।
इंदौर। पश्चिम मध्य रेलवे (पमरे) अब भोपाल और जबलपुर की तर्ज पर शहर में भी रेल कोच रेस्टोरेन्ट बना रहा है। इसके लिए केसर बाग स्थित अर्बन हाट मैदान को चुना गया है। वहां साफ-सफाई आदि कामों को पूरा कर लिया गया है और यह रेस्टोरेंट जून तक शुरू हो सकता है। इससे खाने के शौकीन इंदौरवासियों को एक नया ठिकाना भी मिल जाएगा। 2016 में मध्य प्रदेश टूरिज्म विभाग ने इसपर काम शुरू कर दिया था। और 2018 तक इसे पूरा भी कर लिया गया।
टूरिज्म विभाग के सचिव ने बताया कि इसे पहले ही जनता के लिए खोल दिया जाता, लेकिन कोरोना के कारण इसमें समय लग गया। इस रेल कोच रेस्टोरेन्ट को पटरी पर खड़ा किया जा रहा है और इसे राजसी कोच की तरह सजाया गया है। निश्चित ही लोग इसे देखकर काफी प्रभावित होंगे। वहीं पर्यटन विभाग के जनरल मैनेजर एनके स्वर्णकार ने बताया कि जिस कम्पनी को इसका ठेका सौंपा गया है, उसका काम लगभग पूरा हो चुका है और इसे जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा।
भोपाल में दो रेल कोच हैं
राजधानी भोपाल में भी इस तरह के रेस्टोरेन्ट बनाए गए हैं। भोपाल मण्डल के भोपाल और इटारसी में एक-एक रेल कोच रेस्टोरेंट बनाया गया है। भोपाल स्टेशन के प्लेटफॉर्म नं 6 पर इसे बनाया गया है। यहां यात्रियों एवं आम लोगों के लिए 24 घण्टे स्वाटिष्ट स्थानीय एवं देशी विदेशी व्यंजनों की व्यवस्था रहती है। इस रेस्टेरेन्ट में साफ-सफाई का भी पूरा ख्याल रखा जाता है और जनता से इसका फीडबैक लिया जाता है। भोपाल से रेलवे 58,72,329 रुपए की कमाई करती है। जबकि भोपाल स्टेशन इसके लिए 11.74 लाख रुपए प्रतिवर्ष किराया देता है। इसके अलावा एमपी टूरिज्म विभाग ने भी श्यामला हिल्स स्थित अशोका लेकव्यू होटल के परिसर में इसे स्थापित किया है।
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इटारसी में भी चल रही है तैयारी
भोपाल मण्डल के ही इटारसी जंक्शन पर भी रेल कोच रेस्टोरेन्ट बनकर तैयार हो रहा है। इससे इटारसी में अनावश्यक जाम से भी निजात मिल सकेगी और यहां ये आकर्षण का केन्द्र भी बनेगा। इसे इटारसी के प्लेटफॉर्म नं 1 पर बनाया जा रहा है। इटारसी स्टेशन के लिए 17.69 लाख रुपए प्रतिवर्ष किराया देना होगा। यहां रेल कोच रेस्तरा स्थापित करने का क्षेत्रफल 150 वर्ग मीटर है। अन्य स्टेशनों की तरह यहां भी इसकी स्थापना का पूरा खर्चा ठेकेदार ही उठाएंगे।
जबलपुर और आसपास 5 रेस्टोरेंट बनेंगे
इसकी शुरुआत सबसे पहले जबलपुर से हुई थी। जबलपुर स्टेशन के प्लेटफॉर्म नं 6 के बाहर मालगोदाम रोड के किनारे पुरानी कॉलोनी वाली जगह पर इसे स्थापित किया गया है। जबलपुर मंडल के मुख्य स्टेशन के अलावा मदनमहल, कटनी, मुड़वारा, रीवा और सतना में भी स्थापित करने का काम चल रहा है। जबलपुर स्टेशन के लिए 13 लाख रुपए का प्रतिवर्ष भुगतान करना होगा। इससे 05 वर्ष की अवधि के लिए रेलवे को कुल 3.33 करोड़ रुपए मिलेंगे। इस तरह के रेलवे कोच रेस्टोरेन्टों से प्रदेश के टूरिज्म को भी बल मिलेगा।