फसलों के लिए बरसा अमृत और मिला जीवनदान,किसानों के चेहरे खिले, पशु के चारा व पानी की चिंता हुई दूर, रबी सीजन की फसल को होगा फायदा, इंदौर में 24 घंटे में डेढ़ इंच बरसा पानी, इंदौर-उज्जैन में बिजली गिरने की चेतावनी
इंदौर. अगस्त माह सूखा बीत गया, लेकिन सितंबर के पहले सप्ताह में इंद्रदेव प्रसन्न हो गए। देर से आई इस बारिश ने किसानों के चेहरों पर मुस्कान ला दी है। यह बारिश खेतों में सूख रही सोयाबीन के साथ ही अन्य फसलों फसल अमृत के समान है। एक प्रकार से आसमान से बारिश ही नहीं राहत बरसी है। किसानों की सबसे बड़ी पशुओं के चारा-पानी की चिंता दूर हो जाएगी। साथ ही आगामी रबी की फसल के लिए भी यह पानी काफी फायदेमंद होगा। शहर में सुबह से ही अच्छा पानी बरस रहा है। दो दिन से हो रही बारिश से लोगों को उमस से राहत मिली है। मौसम ठंडा भी हो गया है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि बिजली के साथ बारिश होगी। इंदौर में 24 घंटे में डेढ़ इंच पानी बरसा है।
मानसून की बेरूखी से अगस्त माह ऐसा ही बीत गया। शहर से लेकर ग्रामीण अंचल में बारिश की लंबी खींच के चलते गर्मी और उमस से सब बेहाल होने लगे थे। किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए देख रहे थे। खेतों में खड़ी फसलें तेज धूप से मुरजाने लगी थी और फलियों में दाने नहीं बन रहे थे। इसी बीच गुरुवार को दोपहर से शुरू हुई बारिश ने किसानों के चेहरों पर मुस्कान ला दी है। वहीं लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली है। माहौल में ठंडक घुल गई है। मौसम विभाग ने भी 4-5 सितंबर तक हल्की बारिश की संभावना जताई थी और 8 -9 सितंबर को भी बारिश होने की घोषणा की थी। इसी बीच कल और आज बारिश ने राहत दे दी। हालांकि तेज बारिश नहीं हुई, लेकिन माध्यम बारिश ने भी उमस से राहत दी है। कल दिन में तेज धूप भी निकली थी, लेकिन दोपहर बाद आसमान में बादल छा गए और शाम से बारिश भी शुरू हो चुकी थी। रात में भी पानी बरसा, लेकिन अल सुबह भी अच्छी बारिश हो गई।
पेड़ों के साथ जर्जर मकान की दीवार गिरी
बरसात के चलते दो जगह जहां पेड़ गिर गए हैं, वहीं एक जर्जर मकान की दीवार गिर गई है। पेड़ गिरने की घटना जावरा कम्पाउंड और एबी रोड पर मेडिकल कॉलेज के सामने हुई है। इसकी सूचना निगम कंट्रोल रूम पर पहुंचने के बाद मौके पर उद्यान विभाग की गैंग पहुंच गई गिरे पेड़ों को हटाने के लिए। इधर, बरसात की वजह से मराठी मोहल्ला में एक जर्जर मकान की दीवार भी गिर गई है। मकान पूरी तरह से खाली था। इस कारण दीवार गिरने से कोई जनहानि नहीं हुई।
गड्ढे बने मुसीबात
कल से लगातार हो रही बरसात के कारण शहर के मुख्य मार्ग, कॉलोनी-मोहल्लों की सडक़ों पर हुए गड्ढे मुसीबत बन गए हैं, क्योंकि इनमें बरसात का पानी भर गया और लोग दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। वैसे, कभी तेज तो कभी रिमझिम बरसात हो रही है। इस कारण शहर में कहीं जलजमाव की स्थिति अभी नहीं बनी है, लेकिन सडक़ों पर पानी जरूर भर गया है।
रबी फसल को होगा फायदा
किसान नेता जगदीश रावलिया ने बताया कि यह बारिश सोयाबीन की फसल के लिए तो फायदेमंद है ही साथ ही आगामी रबी की फसल के लिए भी अमृत समान है। इससे पानी का संकट दूर होगा। जमीन को भी पानी मिलेगा।