इंदौर

अंधविश्वास : पोस्टमॉर्टम रूम में रातभर नमक में दबाकर रखे तालाब में डूबे भाइयों के शव, उम्मीद थी जिंदा हो जाएंगे

सोशल मीडिया पर चल रहे भ्रामक प्रचार के झांसे में आए परिजन और ग्रामीण
2 min read
• •
Updated: 20 Aug 2019, 9:43 AM IST
indore
अंधविश्वास : जिंदा होने की उम्मीद में पोस्टमॉर्टम रूम में रातभर नमक में दबाकर रखे तालाब में डूबे भाइयों के शव

सांवेर/इंदौर @ पत्रिका. शहर के समीपस्थ क्षेत्र में अंधविश्वास का एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसने स्वास्थ्य विभाग ( health department ) की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। चित्तौड़ा गांव में तालाब में डूबने से दो भाइयों की मौत के बाद ग्रामीणों ने पूरी रात उनके शव ( dead body ) खड़े नमक में दबाकर रखे। यह भी कहीं और नहीं बल्कि सरकारी अस्पताल के पोस्टमार्टम रूम ( postmortem room ) में किया गया। सोशल मीडिया ( social media ) पर चल रही एक भ्रामक पोस्ट की वजह से उन्हें उम्मीद थी कि इस तरह शव नमक ( salt ) में दबाकर रखने से वे दोबारा जीवित हो जाएंगे। हालंाकि ऐसा कुछ नहीं हुआ।

नमक में चार घंटे रख देंगे तो जिंदा हो जाएंगे

चित्तौड़ा के तालाब में दो भाई कमलेश (20) और हरीश (18) डूब गए थे। रविवार को ग्रामीण इन्हें सांवेर लेकर आए, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बावजूद इसके परिजन ने उनका पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। शव सरकारी अस्पताल के पोस्टमार्टम रूम में रखे हुए थे। परिजन ने एक सोशल मीडिया पोस्ट का हवाला दिया, जिसमें दावा किया गया था कि डूबने से मौत के मामले में यदि शव को चार घंटे के लिए ही खड़े नमक में दबाकर रख दिया जाए तो नमक बदन का सारा पानी सोख लेगा और व्यक्ति फिर जीवित हो जाएगा। ग्रामीणों ने डॉक्टर सहित अस्पताल कर्मचारियों को भी बहला लिया।

मुझे जानकारी नहीं है

मुझे जानकारी नहीं है। ड्यूटी डॉक्टर से पता करता हूं, किस आधार पर अस्पताल में यह सब करने की इजाजत दी गई।
- डॉ. सुरेश परदेसी, ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर, सांवेर

समझाने पर हटा दिया

कुछ स्थानीय लोगों ने टीवी पर कोई न्यूज सुनी थी कि नमक पर लिटाने से पानी में डूबे व्यक्ति जीवित हो सकते हैं। ग्रामीणों ने दोनों के शव नमक से ढंक दिए थे। समझाने पर हटा दिया।
- डॉ. रोहन देव, ड्यूटी डॉक्टर

Updated on:
20 Aug 2019, 9:43 AM IST
Published on: