
इंदौर.
कोरोना में शहर के मध्यक्षेत्र में आई मुश्किलों के बाद शहर का आवासीय पैटर्न बदलने लगा है। इंदौर में लोग अब शहर के आसपास खुली-विकसित टाउनशिप में रहना पंसद कर रहे हैं। यही वजह है, विकसित हो रहे क्षेत्रों में वर्तमान गाइडलाइन से 5 गुना दामों पर रजिस्ट्री हो रही है। प्रॉपर्टी की मांग के आधार पर बायपास, सुपर कॉरिडोर व एबी रोड हॉट स्पॉट के तौर पर उभरे हैं। यह खुलासा पंजीयन विभाग द्वारा गाइडलाइन प्रस्ताव बनाने से पहले किए सर्वे में हुआ है।
ऐसे हालात प्लॉटेड कॉलोनियों में ही नहीं हैं। मल्टी स्टोरी में फ्लैट की कीमतों में भी 4 गुना वृद्धि दर्ज की गई है। देपालपुर, महू, सांवेर क्षेत्र में भी कृषि भूमि और आवासीय कॉलोनियों में दाम बढ़ रहे हैं। इस हिसाब से विकसित हो रहे क्षेत्रों में अफसरों ने 20 से 30 प्रतिशत गाइडलाइन में बढ़ोतरी के संकेत हैं।
कुछ प्रमुख इलाके, जहां दाम बढ़े
बायपास से उज्जैन रोड के बीच: खजराना, कनाडिय़ा, सुखलिया, तलावली चांदा, झलारिया, मायाखेड़ी, बिचौली हप्सी, निपानिया, पिपल्याकुमार, लसुडिय़ा मोरी, कैलादहाला, देवगुराडिय़ा, सनावदिया।
सुपर कॉरिडोर से धार रोड के बीच: टिगरिया बादशाह, पालाखेड़ी, छोटा बांगड़दा, बड़ा बांगड़दा, नावदापंथ, सिंहासा, नैनोद।
एबी रोड-राऊ क्षेत्र: रंगवासा, निहालपुर मुंडी, नायता मुंडला, पालदा, अहीरखेड़ी, तेजपुर गड़बड़ी, बिलावली, लिंबोदी
ऐसे समझें विभाग का सर्वे
उदाहरण: निपानिया क्षेत्र स्थित कॉलोनी श्रुति शेल्टर में गाइडलाइन 600 रुपए प्रति वर्गफीट है। यहां रजिस्ट्री 2900 रुपए प्रति वर्गफीट पर की गई। कनाडिय़ा क्षेत्र में तीन गुना ज्यादा कीमतों पर प्रॉपर्टी के सौदे हो रहे हैं।
मध्य व विकसित शहर की स्थिति
सर्वे में पता चला कि मध्य व विकसित हो चुके शहर में प्रॉपर्टी की गाइडलाइन से ज्यादा कीमतों पर रजिस्ट्री नहीं हो रही है। कुछ ही इलाके ऐसे मिलें, जहां 100 से 150 प्रतिशत वृद्धि देखी गई। अधिकांश इलाकों में तय गाइडलाइन या 50 से 90 प्रतिशत बढ़ाकर ही रजिस्ट्रियां हुई हैं, जबकि आसपास विकसित हो रहे शहर में यह बढ़ोतरी 200 प्रतिशत से अधिक रही है।
अफोर्डेबल प्रॉपर्टी की मांग
सर्वे के मुताबिक, महानगरीय क्षेत्र घोषित होने के बाद शहर के आसपास विकसित हो रही कॉलोनियों-टाउनशिप में अच्छी मांग है। इन क्षेत्रों में अफोर्डेबल साइज के प्लॉट व फ्लैट पंसद किए जा रहे हैं।
तैयार हो रही गाइडलाइन
वरिष्ठ जिला पंजीयक बीके मोरे का कहना है, इस वर्ष प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री से अच्छा राजस्व मिल रहा है। अप्रैल से नई गाइडलाइन लागू होना है। इसके लिए उप पंजीयक स्तर पर प्रस्ताव तैयार करने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में स्थिति देखी जा रही है। जल्द ही इन प्रस्तावों को जिला मूल्यांकन समिति के समक्ष रखा जाएगा।
गाइड लाइन से ज्यादा पर इतनी रजिस्ट्री