
Camera Surveillance (अब कैमरों की निगरानी में रहेगा इंदौर Photo Source- Patrika)
Indore Third Eye : मध्य प्रदेश के आर्थिक शहर इंदौर की सुरक्षा को लेकर नगर निगम ने सीसीटीवी सर्विलांस की योजना बनाई है। पिछले तीन साल से कागजों में चल रही योजना अब जल्द ही मूर्तरूप लेगी, क्योंकि निगम के आइटी विभाग ने पूरे शहर में सीसीटीवी कैमरे लगाने के टेंडर जारी कर दिए हैं। दावा है कि, सीसीटीवी कैमरे लगने से शहर में बढ़ते अपराध का ग्राफ कम होगा। साथ ही, पुलिस को अपराधियों को पकड़ने में आसानी होगी।
महापौर पुष्यमित्र भार्गव की मंशा पर निगम के आइटी विभाग ने सीसीटीवी सर्विलांस की योजना शहर की सुरक्षा को ध्यान में रखकर बनाई है। जनता की मदद यानी जन भागीदारी से सीसीटीवी कैमरे लगाने की ये योजना है, ताकि ऐसा करने वाला इंदौर देश का पहला शहर बन जाए।
सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए मेयर - इन - कौसिंल (एमआइसी) में संकल्प पारित होने के साथ परिषद से भी मंजूरी मिल गई है। योजना के चलते निगम शहर के उन एरिया में खुद कैमरे लगवाएगा, जहां पर गरीब वर्ग के लोग रहते हैं और कैमरे नहीं लगा सकते। ऐसे 12 हजार से अधिक स्थानों पर कैमरे लगाने का कार्य निगम करेगा। बाकी जगह निगम जनता का सहयोग लेकर कैमरे लगवाएगा।
परिषद की बैठक में कैमरे लगाने का प्रस्ताव मंजूर होने के बाद निगम ने नियम-कायदे बनाकर मंजूरी के लिए राज्य सरकार को भेजे हैं, ताकि सरकार ने सीसीटीवी कैमरे लगाने को लेकर बनाए नियमों को मंजूरी दे दी है। इसके चलते पिछले तीन साल से कागजों में चल रही योजना अब जल्द ही मूर्तरूप लेगी, क्योंकि निगम के आइटी विभाग ने पूरे शहर में नियमों को स्वीकृति मिलने साथ गजट नोटिफिकेशन हो जाए और सीसीटीवी कैमरे लगवाने का काम शुरू हो सके, लेकिन राज्य सरकार ने पुलिस से अभिमत मांग लिया। पुलिस के अभिमत न देने से शहर की सुरक्षा को लेकर बनी योजना लंबे समय तक अटकी पड़ी रही।
महापौर भार्गव ने अभिमत न मिलने की बात से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। इसके बाद मामले में तेजी आई और पुलिस ने भी अपना अभिमत दे दिया। पुलिस का अभिमत मिलने के बाद राज्य सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए टेंडर जारी कर दिए हैं। टेंडर अगले महीने जुलाई में आएगे और खुलेंगे। जिस एजेंसी को ठेका मिलेगा, उसे ही शहर के लिए सीसीटीवी सर्विलांस योजना की डिजाइन, आपूर्ति, स्थापना, संचालन और रखरखाव को लेकर मास्टर सिस्टम इंटीग्रेटर (एमएसआई) का काम करना होगा।
गौरतलब है कि शहर का ऐसा क्षेत्र जहां पर 100 से अधिक लोगों का आना - जाना होता हो, वहां सीसीटीवी कैमरे लगाना जरूरी होगा। हैदराबाद ने ये कार्य किया है। इसे देखकर ही इंदौर में कैमरे लगाने की योजना बनाई गई है।
सार्वजनिक रूप से या फिर खुले में कचरा-गंदगी करने वाले लोगों के खिलाफ निगम जिस तरह कार्रवाई करता है, उसी तरह सीसीटीवी कैमरों को लेकर बनाए गए नियमों में भी यही किया गया है। यदि किसी व्यक्ति का सीसीटीवी कैमरा बंद है या फिर जानबूझकर बंद रखा जाता है तो उस व्यक्ति के खिलाफ चालान बनाकर जुर्माना वसूल किया जाएगा। कैमरे लगाने के साथ एक सेंट्रलाइज कमांड सेंटर बनेगा। इसमें सभी सीसीटीवी का फीडबैक दिखाई देगा। साथ ही यह भी दिखाई देगा कि कौन सा कैमरा बंद है।
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Updated on:
20 Jun 2026, 1:24 PM IST
Published on:
20 Jun 2026, 1:24 PM IST
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