रीयूज तेल में तैयार फूड होता है हानिकारक गरमी के दिनों में ज्यादा तेल मसालों के सेवन से बचना ठीक रहता है। बाजार में यदि ऐसी सामग्री खाते हैं, जो वापर
इंदौर द्य गर्मी के दिनों में ऐसे तेल में बने खाने-पीने की चीजों से परहेज करना चाहिए जिनका रीयूज किया जा रहा हो? रीयूज तेल में बने पकवान सेहत के लिए हानिकारक है। फूड विभाग ने इसके लिए जनहित में समझाईश जारी की है।
दुकानदार बचे हुए तेल का दोबारा से उपयोग कर लेते हैं यह नुकसान करता है। मुख्य खाद्य अधिकारी मनीष स्वामी ने बताया कि किसी भी तरह के तेल में यदि कोई सामग्री एक बार तैयार हो गई है तो उसका दूसरी बार इस्तेमाल गलत है इससे बचना चाहिए। दुकानदार चाहे तो बचे हुए तेल में हाथों-हाथ अन्य सामग्री तैयार कर लें तो भी ठीक रहेगा लेकिन यदि इसे आंच से उतार लिया तो यह दोबारा इस्तेमाल लायक नहीं रहता यानि खराब हो जाता है। हालांकि कचोरी-समोसे बनाने वाले इसकी अनदेखी करते हैं। फूड विभाग समय समय पर इसकी जांच के लिए मुहिम चलाता है ताकि कस्टमरों के स्वास्थ्य के साथ किसी तरह का खिलवाड़ न हो, यह लापरवाही कस्टमर के लिए जानलेवा साबित हो सकती है।
भंडारण के लिए माइनस 4 डिग्री
इसी तरह वेज तथा नॉनवेज को भी सही तरीके से रखना जरूरी होता है। मुख्य खाद्य अधिकारी के अनुसार होटल-रेस्टोरेंट के लिए फूड विभाग ने भंडारण की सही स्थिति क्या हो तय कर रखा है। किसी भी तरह का शाकाहारी खाना यदि भंडारित करना है तो उसे माइनस 4 डिग्री तापमान पर रखना होगा। इससे हानिकारक बैक्टीरियां प्रभावी नहीं हो पाते। इसी तरह नॉनवेज को भी सही तरीके से बाउल में रखते हुए इसी तापमान पर रखकर इसे प्रिजर्व कर जरूरत पर उपयोग कर सकते हैं।
टेम्सी, गिलकी के भाव महंगे
उपलब्धता कम रहने तथा खरीदी से आज टेम्सी, गिलकी, करेला तथा आलू महंगा बिका। आवक बढऩे से कैरी के साथ प्याज के भाव कम हुए।
स्थानीय राजकुमार मिल सब्जी मंडी में टेम्सी 40 से 50, गिलकी 25 से 30, तुरई 45 से 50, भिंडी 18 से 20, पालक 15 से 20, मैथी 40 से 50, कटहल 18 से 20, करेला 40 से 50, पत्तागोभी 18 से 20, बैगन 8 से 10, लौकी 8 से 10, हरी मिर्च 15 से 20, टमाटर 18 से 20, कैरी 35 से 40, रेत ककड़ी 25 से 30, आलू 15 से 20 तथा प्याज 8 से 10 किलो बिका। आवक कम रहने से फूलगोभी में तेजी रही इसमें सौदे 20 रुपए नग पर हुए।