
MP News :मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश के आर्थिक शहर इंदौर में आज से दो दिवसीय सेमीकंडक्टर समिट 2026 का शुभारंभ हो गया है। सीएम मोहन यादव लगातार एमपी को सेमीकंडक्टर उद्योग के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। राज्य सरकार सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में उद्योगपतियों को निवेश के प्रति प्रोत्साहित करने, तकनीकी अधोसंरचना विकसित करने, नवाचार को बढ़ावा देने और कुशल मानव संसाधन तैयार करने में जुटी है। लेकिन, अहम सवाल ये है कि, राज्य सरकार एमपी में सेमीकंडक्टर सेक्टर को ही अधिक बढ़ावा क्यों दे रही है? इसके पीछे भविष्य से जुड़ा अहम कारण है।
जिस तरह पूरे विश्व पर टैक का दौर अपना प्रभाव बढ़ा रहा है तो ये बात भी सच है कि, भविष्य तकनीकी कामों पर ही आधारित होना है। ऐसे में मध्य प्रदेश में सेमीकंडक्टर सेक्टर को बढ़ावा देना, उन्हीं तकनीकी उद्योगों को बढ़ावा देना है, जिससे भविष्य निर्भर होगा। ऐसे में प्रदेश में इस तरह के उद्योगों का विस्तार रोजगार को तो बढ़ावा देगा ही, साथ ही साथ तकनीक के क्षेत्र में भी प्रदेश को अग्रसर करेगा।
इस संबंध में खुद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर जानकारी दी कि, 'आज हमारा मध्य प्रदेश सभी प्रकार के टैलेंटेड वर्कफोर्स और मजबूत डेमोग्राफिक डिविडेंड के आधार पर निवेश और उद्योग की संभावनाओं को आकार देने के लिए आगे बढ़ रहा है।'
इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आज से शुरु हुए दो दिवसीय 'मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर समिट-2026' का आयोजन होगा। इन दो दिनों की समिट के दौरान देश-विदेश की सेमीकंडक्टर कंपनियों, निवेशकों, उद्योग विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और स्टार्टअप प्रतिनिधि शामिल होंगे। आयोजन में सेमीकंडक्टर क्षेत्र में निवेश, तकनीकी सहयोग, अनुसंधान, नवाचार और औद्योगिक विकास की संभावनाओं पर चर्चा की जा रही है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस संबंध में जानकारी दे देते हुए कहा कि, सेमीकंडक्टर समिट के दौरान 5,800 करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे 10 हजार से अधिक युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इससे स्पष्ट है कि, आगामी दिनों में प्रदेश में रोजगार के अवसर तो बढ़ेंगे ही, साथ ही तकीन के क्षेत्र में भी प्रदेश अग्रसर होगा।
समिट के जरिए सेमीकंडक्टर विनिर्माण, चिप डिज़ाइन, उन्नत पैकेजिंग और टेस्टिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, अनुसंधान एवं नवाचार और कुशल मानव संसाधन विकास जैसे विषयों पर विचार-विमर्श चल रहा है। आयोजन के दौरान 8 पैनल चर्चाएं, 5 राउंडटेबल बैठकें और 2 मुख्य व्याख्यान किए जा रहे हैं। साथ ही 50 से अधिक कंपनियां प्रदर्शनी में अपनी तकनीकी क्षमताओं, उत्पादों और समाधानों का प्रदर्शन कर रही हैं।
सीएम मोहन के अनुसार, दो दिवसीय मध्य प्रदेश सेमीकंडक्टर समिट में निवेशकों और उद्यमियों से विस्तृत चर्चा की है। इस मौके पर निवेशकों को आगामी GIS 2027 में सहभागिता के लिए आमंत्रित किया है। उन्होंने आगे कहा कि, पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत सेमीकंडक्टर क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी तर्ज पर प्रदेश सरकार भी सेमीकंडक्टर क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित कर रही है। निवेश प्रस्तावों को वास्तविक परियोजनाओं में बदलने और मध्यप्रदेश को देश के प्रमुख तकनीकी केंद्रों में शामिल करने के लिए प्रतिबद्ध है।
सीएम के अनुसार, प्रदेश में सेमीकंडक्टर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और फोटोनिक्स एवं क्वांटम टेक्नोलॉजीज सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे। इंदौर-उज्जैन इकोनॉमिक कॉरिडोर में सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, एडवांस्ड पैकेजिंग, चिप डिजाइन एवं हाई-टेक उद्योगों को प्राथमिकता दी जाएगी।
समिट की प्रदर्शनी में 50 से अधिक कंपनियां चिप डिज़ाइन, पैकेजिंग एवं टेस्टिंग, उपकरण, सामग्री, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण और उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन कर रही हैं। ये प्रदर्शनी निवेशकों, उद्योग प्रतिनिधियों और तकनीकी विशेषज्ञों को कंपनियों के साथ संवाद करने और संभावित व्यावसायिक सहयोग के मौके तलाशने का मंच देंगी।
ऐसे में माना जा सकता है कि, मध्य प्रदेश में सेमीकंडक्टर समिट-2026 प्रदेश में सेमीकंडक्टर उद्योग के विकास, निवेश आकर्षित करने, तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने और कुशल मानव संसाधन तैयार करने की दिशा में एक अहम पहल साबित हो सकती है।