
इंदौर. भारतभूमि अवतारों और देवताओं की ही भूमि है, उनमें भी देवों में देव केवल महादेव हैं। श्री हरि के 24 अवतार भगवान शिव के वरदान से ही हुए हैं। शिवलिंग उनका निराकार और नीलकंठ उनका साकार रूप है। शिव ज्ञान और वैराग्य के स्वरूप हैं। सर्वव्यापी परमात्मा का वंदन मन से और साकार का वंदन प्रत्यक्ष में किया जाना चाहिए।
मंगलवार को ये प्रेरक विचार शंकराचार्य भानपुरा पीठाधीश्वर स्वामी दिव्यानंद तीर्थ ने स्नेहलतागंज में स्नेह नवयुवक रामायण मंडल की मेजबानी में सेंट्रल जेल के पीछे स्थित शिवशक्ति महादेव मंदिर परिसर पर चल रहे शिव महापुराण के दिव्य अनुष्ठान में व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि संसार के सभी विवाद अहम और प्रतिष्ठा के कारण होते हैं। सृष्टि में कोई भी कर्म बिना कारण के नहीं होता। शिव का प्रत्येक स्वरूप कल्याणकारी ही होता है। शिवपुराण अवगुणों के उन्मोचन की कथा है। अखंडधाम आश्रम के महामंडलेश्वर स्वामी डॉ चेतन स्वरूप, जेल अधीक्षक रमेशचंद्र आर्य, मप्र ज्योतिष परिषद के अध्यक्ष आचार्य पं रामचंद्र शर्मा वैदिक, नारायणदेव अग्रवाल, सुश्री किरण ओझा आदि ने व्यासपीठ का पूजन किया।
कई मार्गों से गुजरेगी बारात, होगा स्वागत
प्रचार प्रमुख हरि अग्रवाल ने बताया कि बुधवार को शाम 6 बजे कथा में शिव-पार्वती विवाह के उत्सव में कथा स्थल से शिवजी की बारात निकलेगी जो शिवशक्ति महादेव मंदिर, स्नेहलतागंज, भंडारी पुल के नीचे से होते हुए पुन: कथा स्थल पहुंचेगी। बारात में बैंड-बाजे के साथ शिवजी दूल्हे के रूप में चलेंगे और भूत-प्रेत चुडैल भी इस बारात के मेहमान बनेंगे। शंकराचार्य भी इस बारात में एक विशेष रथ में सवार होंगे। 13 फरवरी को महाशिवरात्रि पर विशेष उत्सव का आयोजन भी होगा। शिव पुराण कथा प्रतिदिन दोपहर 3 से 6 बजे तक शंकराचार्य के श्रीमुख से जारी है।
शिर्डीधाम पर तीन दिनी प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव आज
हवा बंगला रोड स्थित शिर्डी धाम साईं बाबा मंदिर पर तीन दिवसीय राम दरबार एवं संतोषी माता के प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव का शुभारंभ बुधवार को प्रात: 10 बजे हवा बंगला मेनरोड स्थित नानी बाई की धर्मशाला से भव्य शोभायात्रा के साथ होगा। मंदिर के प्रमुख ओमप्रकाश अग्रवाल ने बताया, शोभायात्रा में बैंड-बाजों के साथ मंगल कलशधारी महिलाएं और भजन मंडलियां भी शामिल होंगे जो धर्मशाला से हवा बंगला मेनरोड होते हुए शिर्डी धाम साईं मंदिर पहुंचेंगे। मंदिर पर 5 विद्वान आचार्यों के निर्देशन में प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव की प्रक्रिया में प्रायश्चित कर्म, दशविध स्नान, पंचाग कर्म आदि संपन्न होंगे। इसके साथ ही नौ दिवसीय श्रीराम कथा महोत्सव का दिव्य आयोजन भी होगा। सुश्री जया कृष्णप्रिया के श्रीमुख से यहां प्रतिदिन दोपहर 12 से 4 बजे तक श्रीराम कथामृत की वर्षा होगी।