
कैलाश विजयवर्गीय (Photo Source: patrika)
Indore news:एमपी के इंदौर शहर में दीपावाली उपहार वितरण समारोह के बहाने कद्दावर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के विरोधी नेताओं का जमघट लगने वाला है। ये आयोजन पार्षद करा रही हैं जिसमें विजयवर्गीय व उनके बेटे को बुलाया तक नहीं गया। चुन-चुनकर विरोधी नेताओं को न्योता दिया गया तो सभी ने आने पर सहमति भी दे दी। देखा जाए तो कैलाश विरोधियों के लिए ये आयोजन रेड कारपेट बिछाने जैसा है। इधर, कार्यक्रम की खबर लगते ही मंत्री खेमे में हलचल तेज हो गई। इंदौर की एक नंबर विधानसभा में राजनीतिक भूचाल मचा हुआ है।
नवरात्र में विधायक रहे सुदर्शन गुप्ता ने पांच साल बाद एक बार फिर चुनरी यात्रा निकाली जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल शामिल हुए। बड़ी संख्या में भीड़ के जुटने से गुप्ता क्षेत्र में फिर मजबूती से उभरे तो अब पार्षद पति मनोज मिश्रा भी 4 नवंबर को महावीर बाग में दीपावली उपहार वितरण का बड़ा आयोजन करने जा रहे हैं। जिसमें 2100 परिवार को 21 दीपक, आधा किलो तेल, मिठाई, पटाखे और वंदनवार दिया जाएगा।
बड़ी बात ये है कि आयोजन में मिश्रा ने क्षेत्रीय विधायक व मंत्री विजयवर्गीय व उनके बेटे विधायक रहे आकाश विजयवर्गीय को बुलाया तक नहीं। बकायदा आमंत्रण पत्र तैयार किया गया जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ केंद्रीय मंत्री शिवराजसिंह चौहान के बड़े फोटो हैं। इसके अलावा प्रदेश महामंत्री गौरव रणदिवे, विधायक मनोज पटेल, उषा ठाकुर व मालिनी गौड़, पूर्व विधायक सत्यनारायण सत्तन, कृष्णमुरारी मोघे, सुदर्शन गुप्ता, डॉ. उमाशशि शर्मा व सावन सोनकर को स्थान दिया गया है। बताते हैं कि सभी नेताओं ने आने पर सहमति दे दी है। हालांकि सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक गोलू शुक्ला व नगर भाजपा अध्यक्ष सुमित मिश्रा को भी आमंत्रित किया गया है।
विधानसभा चुनाव के बाद विजयवर्गीय और पार्षद पति मिश्रा के बहुत अच्छे संबंध थे, लेकिन पिछले दिनों एक घटना के बाद मिश्रा ने दूरी बना ली। विजयवर्गीय उनके वार्ड के कंडिलपुरा में लाला यादव के घर मन की बात सुनने पहुंच गए। उन्हें बुलाया तक नहीं गया। ये बात उन्हें घर कर गई जिसके बाद से वे बगावत के मूड में आ गए। यहां तक कि अब उन्होंने अपने कार्यालय का होर्डिंग भी बदल दिया जिसमें से मंत्री विजयवर्गीय के फोटो को छोटा कर दिया गया। इस घटना से पहले वे आकाश विजयवर्गीय के सहयोगियों के हस्तक्षेप पर नाराजगी जता चुके थे, लेकिन किसी ने उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया।
Updated on:
3 Nov 2026, 12:23 PM IST
Published on:
3 Nov 2026, 12:23 PM IST
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