
अंतरराज्यीय बसें, प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source: AI Image)
Indore news: मध्यप्रदेश के इंदौर शहर से दूसरे जिलों के लिए लोक परिवहन बसें शुरू करने वाली परिवहन विभाग की कंपनी एआइसीटीएसएल अब अंतरराज्यीय बसें चलाने की प्लानिंग कर रही है। इसके तहत दूसरे राज्यों के बड़े शहरों के साथ ही धार्मिक स्थलों के लिए भी बसें शुरू की जा सकती है। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत इंटर स्टेट लग्जरी बस सेवा शुरू करने की कवायद है। कंपनी की प्राथमिकता दिल्ली, महाराष्ट्र के मुंबई, नागपुर, गुजरात के वडोदरा, अहमदाबाद व राजस्थान के जयपुर, कोटा के साथ ही नाथद्वारा और खाटू श्याम के लिए भी बसें चलाने की है। हालांकि इसमें अभी कुछ समय लगेगा, लेकिन जल्द ही विस्तार की योजना हाथ में ली जाएगी।
जानकारी के लिए बता दें कि कंपनी को और इलेक्ट्रिक बसें मिलने वाली है जिससे शहर के अंदर लोक परिवहन सेवा का विस्तार किया जाएगा। एआइसीटीएसएल ने पहले उम्र के धार्मिक स्थल अयोध्या, बनारस के लिए बसें चलाने की प्लानिंग की थी लेकिन उसे अमल अमल में नहीं ला पाए। परिवहन विभाग ने जो नई कंपनी शुरू की है उसमें ऑपरेटरों को ज्यादा फायदा देने की पॉलिसी है। बसों में विज्ञापन के साथ ही पार्सल बुकिंग को बढ़ावा देने की योजना है। जिन नई बसों से अनुबंध किया जाएगा उसमें प्रीमियम राशि कंपनी लेगी और व्यवस्थाओं का संचालन कंपनी की देखरेख में होगा। यात्रियों की सुरक्षा के लिए बसों में इंतजाम रहेंगे।
अर्थ जैन, कार्यकारी निदेशक, एआइसीटीएसएल का कहना है कि इंटरस्टेट बस सेवा शुरू करने की संभावनाओं पर काम किया जा रहा है। सबसे पहले महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान के शहरों के लिए बस सेवा शुरू की जा सकती है। यात्रियों की मांग को देखते हुए धार्मिक शहरों के लिए भी फोकस किया जा रहा है।
जानकारी के लिए बता दें कि बीते दिनों पहले ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भोपाल के भेल दशहरा मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में 7 शहरों की 351 इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसों को हरी झंडी दिखाई थी। वहीं आने वाले समय में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा अंतर्गत साल 2031 तक प्रदेश में 15 हजार बसें संचालित करने का लक्ष्य है, जबकि पहले साल ये लक्ष्य 1500 बसों के संचालन का है। इसके बाद हर साल करीब 2500 से 3000 बसें बढ़ाई जाएंगी। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा अंतर्गत पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल को बढ़ावा दिया जाएगा। ये बसें आधुनिक सुविधाओं से युक्त होंगी और सुरक्षा की दृष्टि से अनुकूल होंगी। बस संचालन को प्रभावी और सुचारु बनाने के लिए निजी ऑपरेटरों को प्रशासन का पूरा सहयोग मिलेगा।
Updated on:
2 Nov 2026, 2:51 PM IST
Published on:
2 Nov 2026, 2:48 PM IST
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