
इंदौर। लव-कुश चौराहा पर ओवर ब्रिज का कल भूमि पूजन हो गया, जिसके बाद अब खजराना की बारी है। उसके लिए 11 सितंबर को मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने अभी से समय भी दे दिया। ये आयोजन भी जनप्रतिनिधियों को आगे रखकर किया जाएगा। आईडीए अध्यक्ष का फॉर्मूला मुख्यमंत्री को बहुत भाया। वे आयोजन में जनता को देखकर खासे खुश थे।
इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) ने शहर में विकास की गंगा बहाना शुरू कर दी है। कल भी करोड़ों रुपए की लागत से लवकुश चौराहे पर बनने वाले ओवर ब्रिज का मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने भूमि पूजन किया। वे 11 सितंबर को भी इंदौर आ रहे हैं, तब वे खजराना चौराहा पर बनने वाले ओवर ब्रिज का भूमि पूजन करेंगे। चौहान की घोषणा के बाद में आईडीए अध्यक्ष जयपालसिंह चावड़ा ने अपनी टीम के साथ तीन ब्रिज पर काम किया था, जिसमें से एक ये भी है। 41 करोड़ के करीब ब्रिज की लागत आ रही है। शर्तों के हिसाब से 18 माह का समय कम्पनी को दिया गया है लेकिन प्रयास किया जाएगा कि सालभर में ये ब्रिज तैयार हो जाए और एक नया रिकॉर्ड कायम हो। हालांकि चावड़ा ने अफसरों को साफ कर दिया है कि क्वालिटी में कोई समझौता नहीं होना चाहिए। ठेकेदार कंपनी ने भी गड्डा खोदने की प्रक्रिया से पहले होने वाला काम शुरू कर दिया है।
डबल डेकर की घोषणा
मुख्यमंत्री चौहान ने कल बाणगंगा से अरविंदो के बीच में डबल डेकर ओवर ब्रिज बनाने की घोषणा भी कर दी। इसको लेकर दो दिन पहले एक बैठक में सांसद व विधायकों की बैठक में चावड़ा ने प्रस्ताव रखा था। ब्रिज के उद्घाटन में मुख्यमंत्री को चावड़ा ने उसकी जानकारी भी दे दी थी। इस पर उन्होंने पूछ लिया कि बना लोगे? इस पर चावड़ा ने दमदारी से बोल दिया कि आप निश्चित रहें। आप घोषणा कर सकते हैं। उन्होंने किए गए प्रयासों की जानकारी भी दे दी, जिसको देखकर चौहान भी चौंक गए। बाद में सांसद शंकर लालवानी ने भी मांग कर दी। यह सुनते ही चौहान भी मुस्कुरा दिए थे। आखिर में चौहान ने डबल डेकर ब्रिज बनाने की भी घोषणा कर दी।
गद्गद् हो गए शिवराज
लवकुश चौराहे पर ओवर ब्रिज के भूमि पूजन कार्यक्रम की रंगत ही अलग थी, जिसको देखकर मुख्यमंत्री चौहान खासे खुश थे। हजारों की संख्या में आम जनता को देखकर वे स्तध थे क्योंकि आमतौर पर भूमि पूजन के कार्यक्रम में चंद नेता व पार्टी के कार्यकर्ता ही पहुंचते हैं । आईडीए अध्यक्ष चावड़ा ने सभी जनप्रतिनिधियों को साथ में लेकर आयोजन करने का जब फॉर्मूला बताया तो उन्होंने जमकर पीठ भी थपथपाई। वे ये बात मंच से भी बोलने से नहीं चूके। कहना था कि विकास के नए आयाम के साथ आईडीए की ये नई पहल है। ऐसे आयोजन होना चाहिए जिसमें जनता की सहभागिता रहे क्योंकि विकास भी जनता के लिए ही हो रहा है।
ब्रिज के नीचे बड़ा चौराहा
खजराना ओवर ब्रिज को लेकर आईडीए ने आधुनिक डिजाइन तैयार की है। उसके हिसाब से चौराहे के नीचे वाला हिस्सा भी किसी चौराहे से कम नहीं होगा। यहां पर दो पिलर के बीच की दूरी 45 मीटर होगी। जब पीपल्याहाना ओवर ब्रिज के नीचे की चौड़ाई 30 मीटर है और वह इतना भव्य दिखाई देता है तो 45 मीटर में बड़ा भारी चौराहा नजर आएगा। जबकि पास में पीडल्यूडी द्वारा बनाए गए बंगाली ओवर ब्रिज में ये चौड़ाई महज 20 मीटर ही है। यहां पर एक विशेषता ये भी होगी कि चौराहे पर ही मेट्रो ट्रेन का स्टेशन भी बन रहा है जो कि ब्रिज के ठीक नीचे वाले हिस्से में ही आएगा। मेट्रो यहां से 11 मीटर ऊपर से निकलेगी तो ब्रिज 5.5 मीटर से गुजरेगा। नीचे के हिस्से में सुंदर बगीचा व स्पोट्र्स गतिविधियों के लिए जगह भी तैयार की जा सकती है।