इंदौर

सीता बन गईं चीन में जन्मीं सिंगापुर की ची चाउ पाइ

चीन की ची चाउ पाइ को भी भारतीय संस्कृति इतनी भायी कि उन्होंने अपना नाम ही बदलकर सीता देवी रख लिया। वे भारतीय महिलाओं की तरह साड़ी पहनना ही ज्यादा पसंद करती हैं। सिंगापुर में रह रहीं सीता देवी इन दिनों प्रवासी भारतीय सम्मेलन Pravasi Bharatiya Sammelan 2023 में इंदौर आई हुई हैं।
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Jan 09, 2023
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इंदौर। दुनियाभर में भारतीय संस्कृति और अध्यात्म के प्रति अलग ही लगाव है. चीन की ची चाउ पाइ को भी भारतीय संस्कृति इतनी भायी कि उन्होंने अपना नाम ही बदलकर सीता देवी रख लिया। वे भारतीय महिलाओं की तरह साड़ी पहनना ही ज्यादा पसंद करती हैं। सिंगापुर में रह रहीं सीता देवी इन दिनों प्रवासी भारतीय सम्मेलन Pravasi Bharatiya Sammelan 2023 में इंदौर आई हुई हैं।

ची चाउ पाइ का झुकाव सनातन धर्म के प्रति इतना हो गया कि उन्होंने इसे ही अपना लिया है। उनका जन्म चीन में हुआ था लेकिन वह सिंगापुर में रहती हैं। भगवान राम और सीता को वे आदर्श मानती हैं. उन्होंने बताया कि श्रीराम और सीता का जीवन संदेश दूसरों को भी आदर्शन जीवन जीने की प्रेरणा देता है। यही कारण है कि उन्होंने अपना नाम सीता देवी रख लिया था. उनका मानना है कि पत्नी के रूप में वे राम के सबसे करीब थीं, इसलिए सीता देवी उन्हें पसंद हैं। यही कारण है कि चार वर्ष पहले उन्होंने अपना नाम बदलकर सीतादेवी रखा.

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से दुनिया भर में भारतीयता और सनातन धर्म का गौरव बढ़ रहा है। सम्मेलन Pravasi Bharatiya Sammelan 2023 में इंदौर आने का कारण भी यही है. वे बताती हैं कि भारतीय संस्कृति का आकर्षण उनको खींच लाया है। वह किसी को भी अपना नाम सीता देवी ही बताती हैं. उनके अनुसार सनातन धर्म ईश्वर तक पहुंचने का सबसे सशक्त माध्यम है. सनातनी परंपराएं लोगों को अध्यात्म से आत्मिक रूप से जोड़ती हैं। ची चाउ पाइ उर्फ सीता देवी के मुताबिक वेद— पुराण, गीता रामायण जैसे ग्रंथों में जीवन का सार है.

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Published on:
09 Jan 2023 01:26 pm