
Family ruined by domestic strife: आरोपी पति सुनील चौहान। (Photo Source - Patrika)
Indore news: एमपी के इंदौर शहर में पत्नी की हत्या और बच्चों को तालाब में फेंक देने वाले सिरफिरे पति से पुलिस कई बिंदुओं पर पूछताछ कर रही है। पता चला है कि पारिवारिक कलह और शंका के चलते वह पहले भी पत्नी की हत्या का प्रयास कर चुका था। इस घटनाक्रम में पुलिस के लिए फोरेंसिक साक्ष्य और प्रत्यक्षदर्शी 8 साल का बेटा केस की अहम कड़ी बनेंगे। वो अपने पापा के खिलाफ गवाही देगा। इस दोहरे हत्याकांड और हत्या के प्रयास की वारदात को पु्लिस ने चिंहित और सनसनीखेज अपराध की श्रेणी में दर्ज कर लिया है।
बता दें कि ग्राम झलारिया में सोमवार रात ड्राइवर सुनील चौहान ने पत्नी अनिता चौहान की हत्या कर दी और 8 साल के बेटे अजय व 10 साल की बेटी माही को तालाब में फेंक दिया था। बेटा किसी तरह बच निकला था मगर बेटी की पानी में डूबने से मौत हो गई थी। गिरफ्तार आरोपी सुनील को कोर्ट ने दो दिन के रिमांड पर सौंपा है। एडिशनल डीसीपी अमरेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपी से कई बिंदुओं पर पूछताछ की जा रही है। कारणों की जांच भी की जा रही है। मृतका अनिता और माही के शोकाकुल परिजनों के अभी कथन नहीं हो पाए हैं। बुधवार को परिजन के बयान दर्ज होंगे।
प्रारंभिक रूप से पुलिस को परिजन से ये पता चला है कि आरोपी ने कुछ वर्ष पूर्व कांटा फोड़ में पत्नी के साथ मारपीट और हत्या का प्रयास किया था। अनिता के पिता सुखराम का आरोप है कि सुनील के खिलाफ पहले भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई थी। फिलहाल इस दोहरे हत्याकांड और हत्या के प्रयास की खोफनाक वारदात को पु्लिस ने चिंहित और सनसनीखेज अपराध की श्रेणी में दर्ज कर लिया है। वरिष्ठ अफसरों की निगरानी में विवेचना की जा रही है। पुलिस ने बेटे अजय के कथन पर आरोपी पिता सुनील के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है। पुलिस ने अजय के कोर्ट में 164 के बयान भी करवाए हैं।
टीआइ यादव के अनुसार मृतका के बेटे अजय ने बताया कि तालाब में कमल, झाड़ियां, गाजर घास उग रही हैं। पिता द्वारा वहां झाड़ियों में फेंकने पर उसने मरने का नाटक किया। उसे लगा कि यदि पिता उसे जीवित देख लेंगे तो मार देंगे। जब वे वहां से चले गए तो वह तालाब किनारे एक पेड़ के पीछे छिप गया। काफी देर बाद वह वहां से झलारिया की तरफ पैदल निकल पड़ा। रास्ते में थाने के गश्ती दल ने उसे भीगा हुआ, डरा-सहमा देख रोका, तब वारदात का पता चला।
टीआइ यादव ने बताया कि आरोपी सुनील के कोर्ट में बयान करवाए हैं। उसे 21 अगस्त तक रिमांड पर लिया है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह खुद भी मरने वाला था। हालांकि इस संबंध में कोई सबूत नहीं मिले। यदि रात में गश्ती दल बच्चे को नहीं देख पाता तो आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हो जाता।
Updated on:
19 Aug 2026 03:03 pm
Published on:
19 Aug 2026 02:27 pm
