
इंदौर. महू छावनी से पाकिस्तानी सेना और आइएसआइ के लिए जासूसी करने वाली बहनों. कश्मीरी युकक व अन्य लोगों से पूछताछ में कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं। युवतियों के पास से चार मोबाइल जब्त हुए हैं, जिनसे वे पाकिस्तानी सेना, नेवी और आइएसआइ (ISI) के अधिकारियों से संपर्क में थीं। युवतियां पाकिस्तान के करीब 20 नंबरों पर वाट्सऐप, वीडियो कॉल और फेसबुक चैट से बात करती थीं।
महू छावनी के सभी प्रतिबंधित क्षेत्रों में घूमकर गोपनीय जानकारी, फोटो और डेटा पाकिस्तान भेजते थे । यह भी पता चला है कि युवतियों का एक रिश्तेदार पश्चिम बंगालमें रहता है, जिसके जरिए हवाला का लेन-देन भी किया गया। आइबी (IB) मिलिट्री इंटेलीजेंस की टीम इन सभी से पूछताछ कर रही है। डिलिट किए गए मोबाइल डाटा को रिकवर किया गया है। जांच व पूछताछ कर रहे सभी अफसरों की शनिवार रात आइजी ऑफिस में बैठक हुई। युवतियों को घर में ही रखा गया है. जबकि कुपवाड़ा (जम्मू-कश्मीर) के युवक व अन्य संहेदी सेना के पास हैं और वरिष्ठ अफसर इनसे लगातार पूछताछ कर रहे हैं। युवक मेडिकल फील्ड का है, जो यहां सेना परिसर में तैनात था। आशंका है कि युवतियों को उसी ने जासूसी में शामिल किया। युवक के पास लैपटॉप मिला है। जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क के खुलासे के लिए जल्द इन सभी को दिल्ली ले जा सकती है।
पुलिस के मुताबिक जासूसी में शामिल युवती के पिता सेना में थे और उनका निधन हो गया है। उन्होंने दो शादियां की थीं। एक पत्नी से तीन और दूसरी चार बहनें और दो भाई। पत्नी से एक बेटी है। दो बेटे भी हैं। एक बेटा और तीन बेटियां महू में ही हैं। एक जीजा के भी जासूसी में शामिल होने की शंका है।
आइजी हरिनारायणाचारी मिश्र ने बताया कि महू की युवतियों व कुपवाड़ा के युवक से अलग-अलग पूछताछ चल रही है। डाटा रिकवर किया जा रहा है। कई एजेंसियां जांच में शामिल हैं। बैंक खातों व हवाला से लेन-देन की आशंका भी जांच में शामिल है।