- दसवीं बोर्ड के रिजल्ट का इंतजार करने वालों के सामने अब विषय चुनने की चुनौती
इंदौर.
प्रोफेशनल करियर का अहम पड़ाव दसवीं के बाद शुरू होता है। ज्यादातर का भविष्य ऐसे विषयों पर निर्भर करता है जो उन्होंने कक्षा 11वीं में चुने है। लेकिन, देखने में आया है कि कई विद्यार्थी दूसरों की सुनकर या दोस्तों की देखादेखी ऐसे विषय चुन लेते है जिनमें उनकी रुचि नहीं है। ऐसे में कड़ी मेहनत के बावजूद मन मुताबिक सफलता नहीं मिल पाती। लिहाजार जरुरी है कि विषय चुनने से पहले अपने मन की जरुर सुने।
एमपी बोर्ड की दसवीं परीक्षा में सिर्फ इंदौर जिले से ही करीब 46 हजार छात्र-छात्राएं शामिल हुए। परीक्षाओं के बाद इन विद्यार्थियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती सब्जेक्ट सलेक्शन की है। डॉक्टर बनने के लिए बायोलॉजी, इंजीनियरिंग के लिए मैथ्स, चार्टर्ड अकाउंटेंट के लिए कॉमर्स विषय सबसे कॉमन है। इनके अलावा बड़ी संख्या में विद्यार्थी हर साल आट्र्स विषय भी चुन रहे है। करियर काउंसलर डॉ.अवनीश पांडेय के अनुसार सब्जेक्ट सलेक्शन काफी अहम पड़ाव है क्योंकि दसवीं के बाद अगले दो साल की पढ़ाई उच्च शिक्षा की दिशा निर्धारित करती है। इसलिए अपने इंट्रेस्ट के साथ-साथ पोटेंशियल व सब्जेक्ट के करियर ऑप्शंस पहले ही जानना जरुरी है।
साइंस में ही बायो-मैथ्स के विकल्प
प्रो. अशेष तिवारी ने बताया, साइंस स्ट्रीम का दायरा काफी बड़ा है। इंजीनियरिंग और मेडिकल दोनों की राह इन्हीं विषयों से खुलती है। एक कॉम्बिनेशन पीसीएम यानी फिजिक्स कैमिस्ट्री मैथ्स का है और दूसरा पीसीबी, इसमें मैथ्स की जगह बायोलॉजी विषय रहता है। मैथ्स वालों के लिए बीई, बीटेक की राह खुलती है तो बायोलॉजी पढऩे वालों के सामने मेडिकल के साथ बीडीएस, बीपीटी, बीएएमएस, बीएचएमएस, बीफार्मेसी, डीफार्मेसी, बायोटेक्नोलॉजी के साथ बीएससी और अन्य रिसर्च प्रोग्राम में दाखिले का मौका मिल जाता है।
कॉमर्स में मौके ही मौके
विशिष्ट कॉलेज के डायरेक्टर डॉ.अनस इकबाल ने बताया, ज्यादातर लोग कॉमर्स का मतलब सिर्फ अकाउंटेंसी समझते है। लेकिन, इसके जरिए बिजनेस, इन्वेस्टमेंट, बैंकिंग, फॉरेन अफेयर्स, इकोनॉमिक्स और मैनेजमेंट में भी अच्छा करियर बनाया जा सकता है। बीकॉम के बाद एमबीए करने के रास्ते खुले है। अगर अच्छी तैयारी करते है तो आईआईएम से भी मैनेजमेंट की पढ़ाई करने का मौका मिल जाता है। आर्ट स्ट्रीम में भी बच्चे आ रहे है। सोशल वर्क, जर्नलिज्म और पीएससी की तैयारी करने वाले आर्ट को वरीयता देते है।