सब्सिडी वाले गैस सिलेंडर के लिए उपभोक्ताओं को पैन कार्ड की जानकारी 31 मार्च तक देना होगी। पेट्रोलियम मंत्रालय ने आय का पता लगाने के लिए यह कदम उठाया है। जिन ग्राहकों के पास पैन कार्ड नहीं है, उन्हें घोषणा पत्र भरकर एजेंसी में जमा कराना होगा। यह घोषणा पत्र उपभोक्ता को डीलर से ही मिलेगा। पेट्रोलियम मंत्रालय ने इस संदर्भ में देशभर की ऑइल कंपनियों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
समृद्ध लोगों से गैस सब्सिडी छोडऩे की अपील के प्रयास सरकार के नाकाफी रहे, इसलिए 2015 के अंत में पेट्रोलियम मंत्रालय ने फरमान जारी किया था कि जिनकी आय 10 लाख रुपए से अधिक है, उन्हें सब्सिडी का लाभ नहीं मिलेगा, लेकिन आय की गणना के संदर्भ में तब कोई योजना स्पष्ट नहीं थी। आय का पता लगाने के लिए रसोई गैस उपभोक्ताओं से पेट्रोलियम मंत्रालय ने पैन कार्ड मांगे हैं।
मंत्रालय की ओर से सभी गैस कंपनियों के एजेंसी संचालकों को प्रारूप भेजा है। इसमें उपभोक्ता को अपना नाम, पता, पैन कार्ड नंबर, पैन कार्ड की प्रति सहित अन्य जानकारियां देनी होंगी। गैस कंपनी के सूत्रों के अनुसार उन्हें लिखित में कोई आदेश नहीं मिला है, लेकिन आधार कार्ड के साथ-साथ अब शहर के 8 लाख उपभोक्ताओं से पैन कार्ड की जानकारी भी जुटानी है।
निर्धारित अवधि तक पैन कार्ड से जुड़ी जानकारी न देने वाले उपभोक्ताओं की गैस सिलेंडर की आपूर्ति रोकी जा सकती है। जिन उपभोक्ताओं के पास पैन कार्ड नहीं हैं, ऐसे उपभोक्ताओं (पति और पत्नी दोनों को) वार्षिक आय का घोषणा पत्र देना होगा।
उपभोक्ताओं का डाटा ऑइल कंपनियां ऑनलाइन कर देंगी। फिर इसे पैन इंडिया से जोड़ा जाएगा। ऐसे में जिन उपभोक्ताओं के पास पैन कार्ड हैं और सब्सिडी बचाने के चक्कर में उन्होंने पैन कार्ड नहीं दिया है तो उनकी चोरी पकड़ी जाएगी।
आय की गणना के लिए उपभोक्ताओं से पैन कार्ड ले रहे हैं। पेट्रोलियम मंत्रालय ने सार्वजनिक सूचना जारी करते हुए एक प्रारूप भी जारी किया है। - रवि कुमार, एरिया सेल्स मैनेजर, बीपीसीएल