Sugar Price Hike : इंदौर थोक बाजार की तो यहां बड़े पैमान पर पड़ोसी राज्यों से खपत के लिए लाई जाने वाली सामग्री पर आवागमन शुल्क अधिक लगने से संबंधित सामान महंगा हो गया है। सबसे ज्यादा शकर के दाम प्रभावित हुए हैं।
Sugar Price Hike : हालही में मध्य प्रदेश समेत देशभर में पेट्रोलियम कंपनियों की ओर से पेट्रोल - डीजल की कीमतों में हुई 3 रुपए से ज्यादा की बढ़ोतरी ने आम लोगों की थाली पर खासा असर डालना शुरु कर दिया है। एक तरफ पेट्रोल के दाम बढ़ने से आम व्यक्ति की जेब सीधे तौर पर प्रभावित हुई है तो वहीं दूसरी तरफ डीजल के दाम बढ़ने से घर की भोजन थाली पर खासा असर पड़ा है। बात करें इंदौर थोक बाजार की तो यहां बड़े पैमान पर पड़ोसी राज्यों से खपत के लिए लाई जाने वाली सामग्री पर आवागमन शुल्क अधिक लगने से संबंधित सामान महंगा हो गया है।
इसमें सबसे ज्यादा तेजी से प्रभावित महाराष्ट्र की ओर से आने वाली शकर दिखाई दे रही है। इसका प्रति बोरी भाड़ा बढ़ गया है। बताया जा रहा है कि, इस समय भाड़े पर 3 हजार रुपए से अधिक की बढ़ोतरी हुई है।
खासतौर पर डीजल के दामों में हुई बढ़ोतरी ने आम लोगों की जेब पर खासा असर डाला है। इसका मुख्य कारण ये है कि, डीजल के महंगे होने से हर तरह के परिवहन की कीमतें बढ़ गई है।
महाराष्ट्र तरफ से आने वाली शकर गाड़ियों का भाड़ा लगभग 3 हजार रुपए तक महंगा हो चुका है। इसके साथ ही लोकल में सामान की सप्लाई करने वाले लोडिंग रिक्शाओं ने भी अपने दाम बढ़ा दिए हैं। ये भाड़ा शुल्क भी शकर की कीमत में एड हुआ है, जिसके चलते कीमतों में उछाल हुआ है।
बताया गया कि, इन दिनों इंदौर जिले में स्थित अधिकांश मिलें डायरेक्टर क्लाइंट तक माल डिलीवर कर रही हैं, इससे बीच के स्टाकिस्ट और होलसेलरों का कामकाज भी खासा प्रभावित हो रहा है। कस्टमर के लिए राहत की बात है कि, इससे उन्हें थोड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन बीच में व्यापार करने वालों की आमदनी प्रभावित हो गई है।
कारोबारी सूत्रों ने बताया कि बीते डेढ़ महीने से शहर में लोडिंग वाहनों की शार्टेज है अधिकांश गाडिय़ां गेहूं में चल रही है जिससे अन्य जिन्सों की आवक प्रभावित है। अब जबकि धीरे धीरे अन्य जिन्सों के लिए वाहन उपलब्ध हो रहे हैं भाड़े की तेजी परेशानी बढ़ा रही है।
इंदौर जिले में स्थित अधिकांश मिलें डायरेक्टर क्लाइंट तक माल डिलीवर कर रही हैं, इससे बीच के स्टाकिस्ट और होल सेलरों का काम काज भी खासा प्रभावित हो रहा है। कस्टमर के लिए राहत की बात है कि, इससे उन्हें थोड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन बीच में व्यापार करने वालों की आमदनी प्रभावित हो गई है।