शहर में कौशल विकास के साथ शिक्षा के क्षेत्र में प्रवेश करने जा रही यूनिवर्सिटी सिम्बायोसिस फस्र्ट फेज के साथ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस शुरू करेगी। इसमें बड़ी कंपनियां सुपर बाजार, फाइनेंशियल प्लाजा, बैंक जैसे ट्रेनिंग यूनिट बनाएंगी। जून 2016 में शुरू होने वाली यूनिवर्सिटी के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से जुडऩे के लिए कई कंपनियों ने सिम्बायोसिस फाउंडेशन से संपर्क साधा है।
के जून 2017 में शुरू होने वाले द्वितीय चरण के लिए सिम्बायोसिस फाउंडेशन ने 300 करोड़ खर्च करने का खाका तैयार किया है। जून 2014 में सुपर कॉरिडोर क्षेत्र में टीसीएस और इंफोसिस के समीप सिम्बायोसिस यूनिवर्सिटी की आधारशिला रखी गई थी। जून 2016 से शुरू हो रही यूनिवर्सिटी के प्रथम चरण में ऑटो मोबाइल इंजी., रिटेल मैनेजमेंट, फाइनेंस मैनेजमेंट, सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की पढ़ाई होगी। इसी कड़ी में सिम्बायोसिस फाउंडेशन ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने का फैसला किया है और शासन से इसके लिए भूमि भी मांगी है।
द्वितीय चरण में मैन्युफैक्चरिंग इंजीनियरिंग, सिविल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रो इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, हास्पिटल मैनेजमेंट, हास्पिटैलिटी की पढ़ाई शुरू होगी।
मांगी 10-10 हजार वर्गफीट जगह
फाउंडेशन की संचालक (इंटरनेशनल अफेयर्स) क्लाउडिया क्रामेर ने बताया, फ्यूचर ग्रुप सुपर बाजार, रिलायंस कैपिटल फाइनेंशियल प्लाजा, एचडीएफसी वर्चुअल बैंक और बैंक, महिंद्रा सर्विस स्टेशन, एलएंडटी कंस्ट्रक्शन ट्रेनिंग सेंटर बनाना चाहते हैं। ट्रेनिंग यूनिट के लिए अधिकांश कंपनियों ने 10-10 हजार वर्गफीट जगह मांगी है। कंस्ट्रक्शन ट्रेनिंग सेंटर के लिए एलएंडटी को ज्यादा जगह की जरूरत है।
प्रथम चरण में 300 करोड़ रुपए खर्च कर यूनिवर्सिटी प्रशासनिक भवन, हॉस्टल फैसिलिटी और इंजीनियरिंग ब्लॉक से पढ़ाई शुरू करने जा रही है। मार्च में यूनिवर्सिटी को सभी मापदंडों को पूरा करने के संदर्भ में मध्यप्रदेश शासन से इनैकमेंट ( शासन की सहमति) भी मिलने की संभावना है। जर्मनी की 12 और अमेरिका की एक यूनिवर्सिटी से सिम्बायोसिस का करार है।
जून 2016 से यूनिवर्सिटी सिम्बायोसिस के इंदौर कैंपस में पढ़ाई शुरू करा रहे हैं। द्वितीय चरण जून 2017 से शुरू करेंगे। यह करीब 300 करोड़ का होगा।
डायरेक्टर, सिम्बायोसिस फाउंडेशन