- पीडि़त जूनियरों ने वॉर्डन से लगाई मदद की गुहार, पहले भी हो चुकी है रैगिंग की घटनाएं
इंदौर.
इंदौर की देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी के होस्टलों में रहने वाले सीनियर अपने जूनियरों से ऐसा बर्ताव करते है जो सोचा भी नहीं जा सकता। जूनियरों को सीनियरों के सामने आंख मिलाकर बात करने की मनाही है और सीनियर शराब के नशे में जूनियर छात्रों से दुव्र्यवहार करते है। जब सीनियरों का आतंक सहन से बाहर हुआ तो उन्होंने वॉर्डन और आला जिम्मेदारों से मदद की गुहार लगाई। मामले को गंभीरता से लेते हुए यूनिवर्सिटी ने जांच शुरू कर दी है।
मप्र में नैक से सबसे पहले ए प्लस ग्रेड पाने वाली देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी में दाखिले के लिए देशभर के छात्रों के बीच होड़ मची है। सीयूईटी के जरिए इससे यूजी कोर्स के लिए ही 59 हजार से ज्यादा आवेदन मिले। अच्छी टीचिंग और शानदार प्लेसमेंट के लिए कई शहरों के छात्र यहां से डिग्री लेना चाह रहे है। लेकिन, इस चकाचौंध का दूसरा पहलू भी सामने आया है। डीएवीवी के रवींद्र नाथ टैगोर होस्टल में रहने वाले 20 से अधिक जूनियर छात्रों ने अपने 23 सीनियरों पर रैगिंग लेने और प्रताडि़त करने का आरोप लगाया है। जूनियरों ने शिकायत की है कि जी विंग में रहने वाले सीनियर उन्हें मनमर्जी से कभी भी बुलाते है। वे ड्रेसकोड का पालन कराते है और विश न करने पर अपमानित करते है। जूनियरों का मैस में खाना खाने का मौका भी सबके बाद मिलता है। वाटर कूलर से पानी भराने के साथ वे अकसर शराब के नशे में दुव्र्यवहार भी करते है।
नाकाम साबित हो रही एंटी रैगिंग कमेटी
रैगिंग की घटना के पीछे सबसे बड़ी लापरवाही एंटी रैगिंग कमेटी और एंटी रैगिंग स्क्वाड की है। अकसर शिकायत मिलने पर प्रबंधन और कमेटी समझाईश देकर मामला शांत कर देती है। बैच आउट वाले डर के कारण कुछ बोल नहीं पाते। कमेटी न तो होस्टल वॉर्डन और मैस संचालक और सुरक्षाकर्मियों से भी बात नहीं करते। कमेटी होस्टल में ही जाकर व्यवस्था देखती है। पीडि़त छात्रों के अनुसार शिकायत पर कमेटी के सदस्य सभी के सामने रैगिंग की पूछताछ करते है लेकिन, डर के कारण कोई मुंह नहीं खोलता। कमेटी ने कभी वॉर्डन, मैस संचालक या सुरक्षाकर्मियों से भी पूछताछ नहीं की।
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रैगिंग की घटनाएं रोकने के लिए डीएवीवी में यूजीसी की गाइडलाइन का जीरो टॉलरेंस पॉलिसी पर पालन कराया जा रहा है। स्क्वाड समय-समय पर होस्टलों की जांच भी करता है। आरएनटी होस्टल की शिकायत के मामले में जांच शुरू हो चुकी है। अगर सीनियर छात्र दोषी पाए गए तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- प्रो.अशोक शर्मा, रेक्टर, डीएवीवी