
इंदौर। शहर की शिकायत व्यवस्था का अजीब हाल है। शिकायत दर्ज होती है, नंबर मिलता है, समाधान भी दिखता है... लेकिन समस्या फिर लौट आती है। पानी, सीवरेज और ड्रेनेज से जुड़ी करीब 5000 शिकायतें दर्ज हैं,इनमें 3600 शिकायतें अकेले सीवरेज-ड्रेनेज की हैं।
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सिस्टम की बैटरी
सीवरेज-ड्रेनेज — 3600
पानी नहीं आना — 1000
दूषित पानी — 300
पाइपलाइन लीकेज — 190
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जोन में रोज नई शिकायतों की एंट्री
विजयनगर में रोज करीब 50 ड्रेनेज शिकायतें पहुंच रही हैं। निगम 70% समाधान का दावा करता है। हरसिद्धि में भी रोज ड्रेनेज, टूटे चेंबर, गंदे पानी, बैकलेन और मलबे की दर्जनों शिकायतें सामने आ रही हैं।
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असली लो-बैटरी यहीं है...
निगम के रिकॉर्ड में शिकायतें ‘सॉल्व’हैं, लेकिन रहवासियों के मुताबिक कई जगह वही समस्या फिर सामने खड़ी है। यानी सिस्टम में शिकायत का स्टेटस बदल रहा है, शहर की स्थिति नहीं। सवाल यही है—शिकायत बंद हुई है या सिर्फ उसका नंबर?