इंदौर

Bengal Elections 2026: TMC के व्हिप का MP में असर, काम छोड़कर घर भागे बंगाली कारीगर

Bengal Elections 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 का असर अब मध्य प्रदेश के बाजारों पर पड़ता नजर आ रहा है। ममता बनर्जी की टीएमसी पार्टी ने ऐसा व्हिप जारी किया है जिससे बंगाली कारीगर अपना बीच में छोड़कर वोट देने बंगाल भाग रहे है।
2 min read
Apr 10, 2026
TMC Whip for Bengal Elections 2026 impacts sarafa bazaar indore bengali artisans MP News
TMC Whip for Bengal Elections 2026 impacts sarafa bazaar indore (फोटो- Patrika.com)

MP News: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव (Bengal Elections 2026) होने हैं जिसका सीधा असर इंदौर में देखने को मिल रहा है। शादी-ब्याह से सराफा में रौनक लौटी थी, लेकिन बंगाली कारीगर वोट डालने के लिए काम छोड़कर भाग रहे हैं। पर्दे के पीछे की कहानी ये भी सामने आई कि ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) की पार्टी (TMC) ने व्हिप जारी कर दिया है कि वोट नहीं दिया तो भविष्य में परिवार को कोई काम नहीं होगा। असर ये हुआ कि ट्रेन फुल है तो बसों की बुकिंग हो रही है।

इंदौर के सराफा बाजार में दिखा असर

इंदौर में भी असर देखने को मिल रहा है। यहां के सराफा बाजार में हड़कंप मचा हुआ है। करीब 10 हजार कारीगर है जो कि सोने-चांदी के जेवर बनाते हैं। सभी अपने-अपने गांव जाने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने ज्वेलर्स को साफ कर दिया कि वे 15 दिन काम नहीं कर पाएंगे, क्योंकि उन्हें बोट डालने गांव जाना है। ये सुनते ही ज्वेलर्स के कान खड़े होने के साथ हाथ पैर फूल गए हैं, क्योंकि लंबे समय बाद बाजार में शादियों की वजह से रौनक लौटी थी। कई ऑर्डर है जिन्हें पूरा करना है, ऐसे में कारीगरों नहीं रहेंगे तो गहने तैयार नहीं हो पाएंगे। वे प्रयास कर रहे हैं कि जैसे-तैसे उन्हें रोका जाए जिसके लिए उन्होंने हमेशा के लिए काम बंद करने तक की चेतावनी दे दी, लेकिन वे सुनने के लिए तैयार नहीं है।

टीएमसी ने जारी किया व्हिप, कहा- वोट नहीं तो कोई काम नहीं

सराफा बाजार में करीब 10 हजार बंगाली कारीगर है जिसमें से 75 फीसदी मुस्लिम और 25 फीसदी हिंदू है। कारीगरों ने जब जाने की बात कही तो व्यापारियों ने रोकने का प्रयास किया। तब ये बात सामने आई कि तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने व्हिप जारी किया है कि जो भी वोट नहीं देगा भविष्य में उनके परिवार का कोई काम नहीं होगा। मतदाता सूची से नाम भी कटवा दिया जाएगा जिससे नागरिकता का संकट भी खड़ा हो जाएगा। इस बात से कारीगरों में डर बैठ गया है।

ट्रेन में है नो रूम की स्थिति, बसें भी है फुल

चुनाव में वोट डालने जाने के लिए कारीगर व उनके परिवार के जाने का सिलसिला शुरू हो गया हैं। इसके चलते कोलकाता जाने वाली शिप्रा एक्सप्रेस ट्रेन भी फुल हो गई है। 11 अप्रैल को 90, 14 को 71, 16 को 97 तो 18 को 125 और 21 को 114 की वेटिंग आ रही है। वहीं, 23 व 25 अप्रैल को नी रूम की स्थिति है। कई परिवारों ने मिलकर बसों को भी बुक कर लिया है। बताते हैं जिसका पैसा राजनीतिक दल ही चुकाएंगे। उन्हें छुट्टी करने का भी पैसा दिया जाएगा।

बंगाल चुनाव: 23 और 29 अप्रैल को होना है मतदान

पश्चिम बंगाल विधानसभा की 294 सीटों पर चुनाव होने हैं। ममता बनर्जी की तृष्णमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधा मुकाबला है। यहां दो चरणों में मतदान होना है जिसका पहला चरण 23 अप्रैल तो दूसरा 29 अप्रैल को है। यहां के चुनाव पर देश ही नहीं दुनिया की नजर है तो निर्वाचन आयोग के एसआइआर अभियान केबाद 90.66 लाख वोट के कम होने से मुकाबला रोचक हो गया है। एक-एक वोट की कीमत राजनीतिक दलों को समझ में आ रही है। यही वजह है कि बंगाल से बाहर रहने वाले मतदाताओं पर भी पार्टियां फोकस कर रही है। (MP News)

Updated on:
10 Apr 2026 08:17 pm
Published on:
10 Apr 2026 08:17 pm