Vande Mataram Controversy: मध्य प्रदेश के इंदौर नगर निगम में राष्ट्रीयगीत वंदे मातरम पर छिड़े विवाद को लेकर शनिवार को कांग्रेस फंसी हुई दिखाई दी। वरिष्ठ नेता शोभा ओझा के घर पर प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी सहित पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा और इंदौर शहर कांग्रेस अध्यक्ष के बीच करीब डेढ़ घंटे की बंद कमरा मीटिंग हुई।
MP news: मध्य प्रदेश में राष्ट्रीयगीत वंदे मातरम का अपमान करने का विवाद (Vande Mataram Controversy) इंदौर में कम होता नजर नहीं आ रहा है। घटनाक्रम के बाद कांग्रेस पार्षद रूबीना खान और पार्षद फौजिया अलीम पर कांग्रेस में ही कार्रवाई मांग उठ रही है। वहीं शहर अध्यक्ष चिंटू चौकसे सार्वजनिक तौर पर रूबीना को बाहर करने का कह चुके हैं। मामले पर शनिवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, वरिष्ठ नेता शोभा ओझा और चौकसे ने करीब डेढ़ घंटे बंद कमरे में बैठक की।
बताया जाता है कि सभी नेताओं से चिंटू चौकसे (Chintu Choukse) ने रूबीना पर कार्रवाई की मांग की। इस पर नेताओं ने चिंटू को भी धैर्य रखने की सलाह दी। शोभा ओझा के घर करीब दोपहर 12.30 बजे नेता पहुंचे। यहां निगम में हुए घटनाक्रम के कारणों और स्थितियों पर भी चर्चा हुई। दोनों पार्षदों को भी तलब किया जाना था, लेकिन नहीं बुलाया गया। यह बात भी सामने आ रही है कि भाजपा के बहकावे में नहीं आने की सलाह नेताओं ने चिंटू को दी है। जीतू पटवारी ने चिंटू चौकसे को बजट सत्र फिर से बुलाने और बहस के लिए संभागायुक्त को पत्र लिखने का कहा है। कांग्रेस अब संभागायुक्त को पत्र लिखने वाली है।
पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा, हर बार नगर निगम के बजट सत्र में भाजपा षड्यंत्र करके हंगामा करवाती है और अपनी विफलताओं को छिपाते हुए बिना बहस के बजट पास कर दिया जाता है। कांग्रेस की मांग है कि फिर से बजट सत्र हो और शहर के मुद्दों पर बहस हो।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी (MPCC President Jitu Patwari) ने मामले को लेकर पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा और इंदौर शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे के साथ प्रेस वार्ता की। पटवारी ने इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा के आरोपों का पलटवार करते हुए कहा कि वंदेमातरम् कांग्रेसियों और देशवासियों के रग-रग में है। राष्ट्रगीत-राष्ट्रगान की स्थापना कांग्रेस की विचारधारा ने की है। हमें इस बारे में बीजेपी से सर्टिफिकेट नहीं चाहिए। पटवारी ने मुख्यमंत्री के बयान का जवाब देते हुए कहा कि भाजपा नेता ने मंदिर पर बावड़ी बनाकर कई लागों की हत्या कर दी। एमवाय में चूहाकांड क्यों हो गया। इंदौर का बायपास यमलोक बन गया। निगम के भ्रष्टाचार की जिम्मेदारी किसकी है। एक सरकारी कार्यालय ऐसा नहीं है जो भ्रष्टाचार से नहीं बचा है। भ्रष्टाचार का कैंसर मध्यप्रदेश में घुस गया है। मुख्यमंत्री जवाब कब देंगे।
दरअसल, इंदौर नगर निगम में बजट सम्मेलन के दौरान कांग्रेस पार्षदों द्वारा वंदे मातरम का अपमान मामला सामने आया था। कांग्रेस पार्षद रुबीना इकबाल खान और फौजिया शेख अलीम ने सदन में धर्म का हवाला देते हुए राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम को गाने से मना कर दिया था। वंदे मातरम नहीं गाने पर अन्य सदस्यों ने इसका विरोध किया। मामले के तूल पकड़ते ही इंदौर शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने पार्षद रुबीना खान को पार्टी से निष्काषित करने की मांग उठाई थी। मामले पर सीएम मोहन यादव का भी बयान सामने आया जहां उन्होंने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पूरी प्रदेश कांग्रेस को इस्तीफा दे देना चाहिए। कांग्रेस अपने दोहरे चरित्र से बाहर नहीं निकल पा रही