Viral Girl Monalisa : मैं कुछ करना चाहती हूं। बस यही एक सपना मैंने बचपन से देखा था। शायद महादेव की कृपा से ही मुझे एक अवसर मिला है... ये बात वायरल गर्ल मोनालिसा ने पत्रिका से बातचीत के दौरान कही है।
Viral Girl Monalisa : मैं कुछ करना चाहती हूं। बस यही एक सपना मैंने बचपन से देखा था। शायद महादेव की कृपा से ही मुझे एक अवसर मिला है। सपनों को पूरा करने के लिए मैंने शुरुआत कर दी है। सबसे पहले मैंने पढ़ाई शुरू की है। बगैर ज्ञान के आगे बढ़ना मुश्किल है, यह बात मुझे समझ आ चुकी है। ये बात वायरल गर्ल मोनालिसा ने पत्रिका से बातचीत के दौरान कही है। इंटरव्यू के दौरान मोनालिसा ने बताया कि वे सिर्फ 3 दिन स्कूल गई थी। इन दिनों इंदौर में एक्टिंग और मॉडलिंग की ट्रेनिंग ले रही है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक तस्वीर ने माला बेचने वाली मोनालिसा की जिंदगी बदल दी। सड़कों से उठकर मध्यप्रदेश की मोनालिसा फिल्मों की दुनिया में पहुंच गई। फिल्म डायरेक्टर सनोज मिश्रा(Film Director Sanoj Mishra) ने अपनी अपकमिंग फिल्म 'द डायरी ऑफ मणिपुर' में मोनालिसा को बतौर लीड एक्ट्रेस साइन कर लिया। मोनालिसा ने अपनी फिल्म के लिए जमकर तैयारियां करने लगी है। पत्रिका से बातचीत में उन्होंने एक्टिंग की ट्रेनिंग और फिल्म में मिले मौके को लेकर कई बाते कहीं।
Q. एक्टिंग और मॉडलिंग के लिए सबसे ज्यादा क्या महत्वपूर्ण है?
A. कुछ समझने के लिए पढ़ाई जरूरी है। बचपन में सिर्फ तीन दिन स्कूल जाने का अवसर मिला था। इसलिए पढ़ाई से मेरा दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं रहा। अब मुझे समझ आया कि कुछ भी सीखने से पहले पढ़ना बहुत महत्वपूर्ण है।
Q. किस प्रकार की एक्टिंग की ट्रेनिंग ले रही हैं?
A. अभी कुछ समझ नहीं रहा है, लेकिन मुझे समझाया जा रहा है कि आपको ऐसा बोलना है, ऐसे बैठना है। एक्टिंग कैसे करनी चाहिए? इसके बारे में थोड़ा-थोड़ा सीख रही हूं।
Q. सोशल मीडिया पर वायरल होना मुसीबत बना या आशीर्वाद?
A. जब मेरे वीडियो वायरल हुए थे, तब समझ नहीं पा रही थी कि क्या हो रहा है? जब लोगों ने समझाया, तो अच्छा लगा। वीडियो वायरल होना मेरे लिए तो भगवान के आशीर्वाद जैसा ही रहा। शायद मेरे कुछ बड़ा करने की मनोकामना उन तक पहुंच गई।
Q. पिछले दो माह में ट्रेनिंग के दौरान रहन-सहन और खानपान में क्या बदलाव हुआ?
A. अब जिस तरह का खाना और कपड़े पहनने को मिल रहे हैं, मेरे लिए सब नया है। कभी सोचा नहीं था कि खाने का समय होता है, सुबह क्या खाना है?, शाम को क्या खाना है? ऐसा भी होता है, कभी सोचा ही नहीं था। इसलिए ट्रेनिंग एक नए जीवन जैसा ही है।