वायदा बाजार में भले ही सटोरिए चने की कीमतों को बढ़ाने की लगातार कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हाजर में इसके भाव गिरते जा रहे हैं। मंडी में चना 4100 रुपए के स्तर पर आ गया है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि नया चना डंकी व गीला आ रहा है, जो 3500 से 3800 रुपए बिक रहा है।
बेस्ट चने की अभी कमी है, जिससे कीमतें धीरे-धीरे कम हो रही हैं। आवक का दबाव बढ़ते ही चना 4000 से नीचे बिक पाएगा। मध्य प्रदेश सबसे बड़ा चना उत्पादक राज्य है और यहां पर इस साल चने का उत्पादन बढऩे का अनुमान है। मध्यप्रदेश कृषि विभाग के मुताबिक इस साल राज्य में चने का उत्पादन बढ़कर 30.54 लाख टन तक पहुंच सकता है।
पिछले साल राज्य में 27.65 लाख टन चने का उत्पादन हुआ था। मध्य प्रदेश के अलावा इस साल राजस्थान में भी चने का उत्पादन बढऩे का अनुमान लगाया जा रहा है। महाराष्ट्र में भी चने की अच्छी बुआई हुई है। इन हालात में देशभर के उत्पादन में पिछले साल के मुकाबले बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है जिससे आगे चलकर चने के भाव पर और दबाव बढ़ सकता है।
तुवर में तेजी के आसार नहीं
तुवर की कीमतों में उठाव नहीं है। इस बार बर्मा में भी इसकी जोरदार फसल होने से वहां पर भी इसके भावों में गिरावट बताई जा रही है। इन्हीं सेंटीमेंट्स के साथ घरेलू मंडियों में तुवर की कीमतों कुछ और गिरावट आने के आसार बन गए हैं।
जानकारों का कहना है कि मंडियों में आयातित माल के अलावा देसी आवक भी होने से इसके भावों में फिलहाल ज्यादा तेजी की संभावना बिल्कुल नजर नहीं आ रही है। बर्मा में तुवर की फसल जोरदार होने के कारण वहां पर भी इसकी कीमतों में पिछले कुछ दिनों के दौरान ही 50 डॉलर प्रति टन तक की गिरावट आ चुकी है।