कांग्रेस सेवादल के प्रशिक्षण शिविर में गुस्साए वरिष्ठ नेता पंडीत कृपाशंकर शुक्ला
इंदौर. शहर कांग्रेस अध्यक्ष बनाना एक झटके का काम है। जिसको बनाना है बना दो, उसको हम झेल लेंगे और हम सब करवा लेंगे। हम में इतनी क्षमता है। ढीला घोड़ा हुआ तो उसको हम तेज कर देंगे। इतनी शक्ति हम में है।
वरिष्ठ नेता पं. कृपाशंकर शुक्ला ने यह बात कल उस समय कही, जब वे कांग्रेस सेवादल के चल रहे प्रशिक्षण शिविर में शहर अध्यक्ष की नियुक्ति न होने पर गुस्सा हो गए और पार्टी के बड़े नेताओं को आड़े हाथ अलग ले लिया। मंच पर विधायक सज्जन सिंह वर्मा, राष्ट्रीय सचिव सत्यनारायण पटेल और प्रदेश उपाध्यक्ष अर्चना जायसवाल आदि मौजूद थे। मंच से मुखर होकर पं. शुक्ला ने कहा कि 3 महीने हो गए शहर कांग्रेस अध्यक्ष ही नहीं बना पा रहे हैं हम। यह एक झटके का काम है। अरे जिसको बनना है बना दो। क्या मतलब है पदाधिकारियों को लटकाकर रखने का। लोगों में खींचतान मच रही है। इधर लोग जत्था लेकर जा रहे, उधर जत्था लेकर जा रहे हैं। हम भी संघर्ष से बने हैं। ये बैठे हैं सज्जन वर्मा जो कि हमारे लिए दिल्ली में लड़े। महेश जोशी जाकर लड़े थे।
लोगों ने कह दिया कि वे (कृपा शंकर) तो मुसलमानों के खिलाफ हैं। दिल्ली से गुलाम नबी आजाद, एहमद पटेल और सलमान खुर्शीद इंदौर यह देखेन आए कि क्या सही में पंडित के खिलाफ मुस्लिम लोग हैं। उन्होंने जो देखा और शिकायत की गई, उसका उल्टा रिजल्ट निकला। भाईजान लोग पंडितजी को अकेले लेकर घूम रहे हैं। दो-तीन बड़ी-बड़ी मीटिंग हुई। इंदिरा गांधी ने कहा कि इंदौर शहर कांग्रेस अध्यक्ष कृपाशंकर शुक्ला ही बनेंगे। यह इनकी (सज्जन) और सबकी जीत हुई। जीवन में उतार-चढ़ाव आते हैं। संघर्ष करना हमारा कर्तव्य है।
कमल नाथ और दिग्विजय से की बात...10 मिनट का है काम
पं. शुक्ला ने कहा कि कमल नाथ से खातेगांव में मिला और कहा था कि जो निर्णय लेना है ले लो। आप अध्यक्ष बना नक्की करो। उन्हें कहा कि मैं बहुत जल्दी करता हूं। दो दिन पहले सेवादल के प्रशिक्षण शिविर में दिग्विजय सिंह आए थे। उनको भी मैंने कहा कि अध्यक्ष बनवा दो। उन्होंने कहा मैं कलम नाथ से बात करता हूं। अरे किसकी बात करना है। यह 10 मिनट का काम है। एक कमरे में चारों-पांचों बैठ जाओ, जिसको बनाना है बना दो, उसको हम झेल लेंगे। हम सब करवा लेंगे, क्योंकि हम में इतनी क्षमता है। ढीला घोड़ा हुआ तो उसको हम तेज कर देंगे। इतनी हममें शक्ति है। हमारी शक्ति का अंदाजा कॉलेज जमाने से सज्जन वर्मा देख रहे हैं। हम टीम लेकर लड़े और कॉलेज पर एक तरफा कब्जा अलग किया। गौरतलब है कि शहर कांग्रेस अध्यक्ष की नियुक्ति पिछले तीन महीने से अटकी पड़ी है। नियुक्ति में हो रही लेटलतीफी को लेकर पार्टी के लोकल नेता नाराज होने के साथ सार्वजनिक मंच से मुखर होने लगे हैं।