
Indore news: मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में संभ्रांत परिवारों की महिलाओं का व्हाट्सऐप ग्रुप साइबर ठगों के निशाने पर आ गया। ग्रुप में भेजी गई एक फर्जी एपीके फाइल डाउनलोड करना महिलाओं को भारी पड़ गया। देखते ही देखते ग्रुप से जुड़ी महिलाओं के मोबाइल फोन साइबर अपराधियों के नियंत्रण में पहुंच गए। इसके बाद ठगों ने किसी को प्रॉपर्टी में निवेश के आकर्षक ऑफर दिए तो किसी को पार्सल आने का झांसा देकर रुपए ऐंठने की कोशिश की। जब इन तरीकों से बात नहीं बनी तो महिलाओं के परिचितों को फोन और मैसेज कर उनके नाम पर पैसों की मांग शुरू कर दी। कुछ परिचितों ने भरोसे में आकर रुपए ट्रांसफर भी कर दिए।
मामले की जानकारी सामने आने के बाद महिलाओं ने शिकायत की है। जानकारी के अनुसार एक महिला के मोबाइल फोन से वाट्स एप ग्रुप मे एपीके फाइल पहुंची थी। ग्रुप में शामिल अन्य महिलाओं ने एक-दूसरे पर भरोसा करते हुए इसे डाउनलोड कर लिया। इसके बाद धीरे-धीरे ग्रुप की महिलाओं के मोबाइल फोन हैक होने लगे। साइबर अपराधियों ने सबसे पहले अलग-अलग ऑफर के नाम पर फिशिंग लिंक भेजे।
किसी महिला को प्रॉपर्टी में अच्छे मुनाफे का लालच दिया गया तो किसी को पार्सल डिलीवरी के नाम पर संपर्क किया गया। इसके बाद महिलाओं के परिचितों को फोन लगाकर उनकी परेशानी का हवाला देते हुए रुपए मांगे गए। संभ्रांत परिवारों से जुड़ी महिलाओं के परिचितों ने छोटे-मोटे लेन-देन को सामान्य समझकर बिना पुष्टि किए भुगतान कर दिया। कुछ लोगों ने रुपए देने से इनकार किया तो ठगों ने उनके परिचितों के बीच महिलाओं को लेकर गलत बातें फैलाने की कोशिश की। इससे महिलाएं मानसिक रूप से भी परेशान हुईं। ग्रुप में आपस में चर्चा होने पर ठगी का खुलासा हुआ। इसके बाद वाट्स एप ग्रुप को निष्क्रिय किया गया। हालांकि तब तक कई मोबाइल फोन की जानकारी और नियंत्रण ठगों तक पहुंच चुका था। प्रीति लक्की छाबड़ा की शिकायत पर ३० हजार भुगतान को समय रहते रुकवाने में सफलता मिली।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ प्रो. गौरव रावल ने बताया…..