
नई दिल्ली। पिछले साल 08 नवंबर को भ्रष्टाचार और कालेधन को जड़ से खत्म करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा नोटबंदी का ऐलान किया गया था। नोटबंदी के शुरूअती प्रभाव के बारें में बात करें तो उस समय लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। पिछले एक साल से आर्थिक विशेषज्ञों से लेकर आम लोग तक अर्थव्यवस्था पर इसके प्रभाव के बारें में अपनी राय देते रहे हैं। देश की सबसे बड़ी कैशबैक और कूपन कंपनी ने भी नोटबंदी को लेकर एक सर्वे किया हैं, जिसमें लगभग दो हजार लोगों ने हिस्सा लेते हुए नोटबंदी को लकर अपना विचार व्यक्त किया। इस सर्वे में हिस्सा लेने वाले 49 फीसदी लोगों का मानना है नोटबंदी सरकार का एक सफल कदम था वहीं 38 फीसदी लोगों ने नोटबंदी को सरकार की विफलता करार दिया हैं। हालांकि इसमें से 90 फीसदी लोगों का कहना है कि, नोटबंदी के बाद वो ऑनलाइन पेेमेंट करनें में हिचकते नहीं हैं।
पॉजिटिव रहा ओवरऑल इंपैक्ट
ऑनलाइन पेमेंट करने वाले लोगों में से 54 फीसदी लोग डेबिट और के्रडिट कार्ड के जरिए पेमेंट करते हैं, जबकि 30 फीसदी लोग ई-वॉलेट से पेमेंट करते हैं। इस सर्वे में एक खास बात यह सामने आया कि , लगभग 80 फीसदी लोग इस बात से सहमत हुए कि वो किसी दूसरे को कैशलेस पेमेंट के बारें में बताया या सिखाया हैं। नोटबंदी पर बात करते हुए कैशकरो डॉट कॉम के सह-संस्थापक रोहन भार्गव ने बताया कि, नोटबंदी के ओवरऑल इम्पैक्ट की बात करें तो ये पॉजिटिव रहा है। कैशलेस पेमेंट को लेकर लोगों का विश्वास बढ़ा हैं।
एक साल बार नोटबंदी का क्या रहा प्रभाव
लगभग 45 फीसदी लोग इस बात से सहमत हुए कि नोटबंदी के बाद उनके शॉपिंग की आदत में बदलाव आया हैं। ऑनलाइन पेेमेंट में इजाफा हुआ हैं। पेटीएम और मोबिक्विक जैसे मोबाइव वॉलेट से लगभग 29 फीसदी लोगों ने दूसरे को इस तरह के पेमेंट के बारें में जानकारी दी हैं। इस क्रम में के्रडिट के बारे में 19 फीसदी लोग, नेटबैंकिंग के बारे में 6 फीसदी लोगों ने दूसरों को इस जरिए पेमेंट के बारें में जानकारी दी हैं। ऑनलाइल खरीदारी के दौरान 47 फीसदी लोगों ने प्रीपेड पेमेंट का विकल्प चुना हैं।