बैंक में पैसे जमा करने गये एक शख्स के साथ कुछ ऐसा हुआ जिसके कारण उसके 49,500 रुपये का हो गया नुकसान । कारण जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे जी हां महिंद्रा कुमा
नई दिल्ली । बैंक में पैसे जमा करने गये एक शख्स के साथ कुछ ऐसा हुआ जिसके कारण उसके 49,500 रुपये का हो गया नुकसान । कारण जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे जी हां महिंद्रा कुमार यामानप्पा जो की कर्नाटक के कलबुरगी के रहने वाले है । महिंद्रा 18 जुलाई, 2017 को एसबीआई बैंक में पैसा जामा करने गये थे । वहां पर सीडीएम मशीन में र्सिफ एक नंबर गलत डालने के कारण महिंद्रा ने गवा दिये 49,500 रुपये ।
खाता नंबर गलत डाल कर गंवाये पैसे
दरसल महिंद्रा कुमार यामानप्पा 18 जुलाई दोपहर एसबीआई में पैसा जमा करने पहुंचे सीडीएम मशीन में पैसा जमा करते वक्त यामानप्पा ने अपने बैंक खाते का लस्ट नंबर गलती से 0 के बजाये 8 डाल दिया जिसके कारण पेैसे महिंद्रा के खाते में जाने के बजाये किसी और के खाते में चले गये ।
बैंक पर लगाये इलजाम
काफी समय बीत जाने के बाद जब यामानप्पा के खाते में पैसे नही आये तो महिंद्रा कलाबुरगी शाखा से संपर्क किया और 20 जुलाई को शिकायत दर्ज कराई। यामानप्पा ने अपना खाता नंबर उद्धृत किया और यह जानना चाहा कि राशि क्यों जमा नहीं हुई थी। शाखा ने दूसरी शिकायत के बाद 30 अगस्त को वजह बताई । तब तक, वह पुलिस के पास भी अपनी शिकायत दर्ज करा चुके थे । जब महिंद्रा ने बैंक से अपनी राशि वापिस मांगी तो बैंक ने उन्हे जवाब देते हुआ कहा की महिंद्रा ने जिस खाते में पैसे जमा किये थे । उसने सारे पैसे निकाल लिये है । अब बैंक उनकी कोई मदद नही कर सकता है ।
कोर्ट में जाने का किया फैसला
बैंक के जवाब से निराश हो कर यमनप्पा ने कोर्ट जाने का फैसला लिया । बैंक ने कोर्ट में तर्क देते हुए कहा की गलती बैंक से नही यमनप्पा से हुई है । यमनप्पा ने ही गलती से 0की बजाय 8में डाला था । यमनप्पा ने बैंक पर इलजाम लगाते हुए कहा की बैंक ने उनकी शिकायत पर ध्यान ही नही दिया । इस पर बैंक ने जवाब देते हुए कहा की जब यमनप्पा ने अपनी पहली शिकायत दर्ज कराई थी । उस वक्त बैंक ने 16 से 27 दिनों के अंदर ही उनकी शिकायत पर मदद करने की कोशिश की थी और उन्हें खाते में पैसे न आने का कारण भी बताया था ।
बैंक से वापस मांगे पैसे
जब यमनप्पा के वकील ने कहा की बैंक को पैसे वापस करने चाहिये तो एसबीआई के वकील ने तर्क दिया कि बैंक ने गलती नहीं की क्योंकि गलती ग्राहक ने की है तो बैंक उन्हे उनकी राशि लौटाने में असमर्थ है ।