
नई दिल्ली: COVID-19 की वजह से पूरी दुनिया ठहर चुकी है लोग अपने-अपने घरों में कैद हैं। इससे सबसे ज्यादा नुकसान एयरलाइंस कंपनियों को हो रहा है । अब जबकि सरकार ने देश में 21 दिनों का लॉकडाउन घोषित कर दिया है। ऐसे में इन एयरलाइंस कंपनियों का काम अगले 21 दिनों तक ठप्प हो चुका है । और एक अनुमान के मुताबिक एविशन सेक्टर को कुल 21 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हो सकता है। जिसमें से सिर्फ भारतीय कंपनियों को 70-80 हजार करोड़ का नुकसान होगा । और ये दावा है सेंटर फॉर एशिया पैसिफिक एविएशन इंडिया (CAPA) का ।
CAPA का कहना है कि इस नुकसान से उबरने के लिए कंपनियों को टाइम लग जाएगा और बहुत हद तक संभव है कि अगले वित्त वर्ष में कंपनियां अपने टिकट की कीमत से लेकर फ्लीट एक्सपेंशन तक का मॉड्यूल बदल सकती हैं।
सिर्फ दिल्ली की बात करें तो यहां 200 से ज्यादा विमान खड़े हैं।
हर दिन हो रहा है 150 करोड़ का नुकसान-
हमारे देश में हर दिन लगभग 4000 घरेलू और 500 अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन होता है। अकेले दिल्ली में ही रोजाना 900 से अधिक उड़ानों का संचालन होता है। लेकिन कोरोना के चलते ये काम 40 फीसदी तक कम हो चुका है। DGCA के अधिकारियों का कहना है कि पहले हर दिन लगभग 350-400 करोड़ रुपए का बिजनेस होता था लेकिन अब हर दिन उड़ानें कैंसिल होने की वजह से 150 करोड़ तक का नुकसान होता है।
हजारों करोड़ में पहुंच चुका है प्राइवेट कंपनियों का नुकसान-
आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज की रिपोर्ट के मुताबिक इंडिगो को 21 दिनों के लॉकडाउन के चलते 5494 करोड़ रुपए का नुकसाना हो सकता है जबकि स्पाइसजेट को करीब 1412 करोड़ रुपए का नुकसान होगा। इसी तरह से एअर इंडिया को प्रतिदिन 30 से 35 करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है। जबकि कई कंपनियां ऐसी है जो लिस्टेड नहीं है जिसकी वजह से उनके नुकसान का अंदाजा लगाना मुश्किल हैं।
| Airlines | flights cancellation( per day ) |
| Indigo | 1500 |
| Goair | 300 |
| Vistara | 200 |
लॉकडाउन बढ़ने पर बंद करना पड़ सकता है ऑपरेशन-
फिलहाल सरकार ने 21 दिनों का लॉकडाउन लगाया है लेकिन जिस तरह से केस बढ़ रहे हैं कयास लगाया जा रहा है कि ये लॉकडाउन लंबा खिच सकता है । अगर ये लॉकडाउन 3 महीने तक खिंचा तो एक अनुमान के मुताबिक इंडिगो और स्पाइसजेट का वित्त वर्ष 2020 की चौथी और वित्त वर्ष 2021 की पहली तिमाही में साझा नुकसान करीब 1.25 से लेकर 1.50 बिलियन डॉलर होगा। जिसकी वजह से इंडिगो और गोएयर जैसी कंपनियों को कैश रिजर्व खत्म होनेकी सूरत में ञपेशन बंद करने की नौबत आ सकती है।