Airlines को 17,000 करोड़ रुपए के नुकसान होने की संभावना NHAI को 2,200 करोड़ रुपए का नुकसान होने का अनुमान Airline companies के विलय एवं अधिग्रहण की भी संभावना
नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस लॉकडाउन ( Coronavirus Lockdown ) 17 मई तक है। 25 मार्च से 17 तक देश में हवाई यात्रा बंद कर दी गई हैै। ताकि कोरोना वायरस महामारी ( Coronavirus Pandamic ) का प्रसार ना हो सके। जिसकी वजह से एविएशन सेक्टर ( Aviation Sector ) को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। क्रिसिल की ताजा रिपोर्ट के अनुसार एविएशन सेक्टर को करोड़ों रुपए के नुकसान की संभावना जताई जा रही है। क्रिसिल इंफ्रास्ट्रक्चर एडवाइजरी की रिपोर्ट ( Crisil Infrastructure Advisory Report ) के मुताबिक एविएशन सेक्टर को मौजूदा वित्त वर्ष में 24,000 से 25,000 करोड़ रुपए के रेवेन्यू का लॉस होगा।
कुछ इस तरह से होगा नुकसान
रिपोर्ट के अनुसार इसका सबसे अधिक 70 फीसदी असर एयरलाइंस पर दिखाई देने का अनुमान है, जिसे 17,000 करोड़ रुपए के नुकसान होने की संभावना जताई जा रही है। एयरपोर्ट संचालकों को 5,000 से 5,500 करोड़ रुपए और एयरपोर्ट के रिटेल कारोबारियों को 1,700 से 1,800 करोड़ रुपए का नुकसान उठाना पड़ सकता है। क्रिसिल रिपोर्ट के अनुसार मुख्य विमानन केंद्रों जैसे मुंबई, दिल्ली, चेन्नई और कोलकाता में यात्रा पर रोक लंबे समय तक जारी रही तो नुकसान बहुत अधिक होगा। साथ ही कहा गया है कि एविएशन सेक्टर को उबरने में दो साल तक का समय लग सकता है।
और बढ़ सकता है नुकसान का अनुमान
सीआरआईएसआईएल इंफ्रास्ट्रक्चर एडवाइजरी के निदेशक जगनारायण पद्मनाभन की माने तो यह नुकसान अभी प्राइमरी रूप से अनुमानित है। अगर लॉकडाउन पहली तिमाही से आगे बढ़ता है तो कुल नुकसान में और भी इजाफा हो सकता है। सड़कों और राजमार्ग क्षेत्र के संबंध में रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि इससे राजमार्ग डेवलपर्स/टोल ऑपरेटरों को मार्च-जून के दौरान 3,450 से 3,700 करोड़ रुपए के राजस्व का घाटा उठाना पड़ेगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को इस अवधि में 2,100 से 2,200 करोड़ रुपए का नुकसान होगा।
एविएशन सेक्टर में देखने को मिल सकते हैं काफी बदलाव
पद्मनाभन के अनुसार कोविड-19 के बाद पूरे एविएशन सेक्टर में कई ढांचागत बदलाव देखने को मिल सकते हैं। कुछ विमान सेवा कंपनियों के विलय एवं अधिग्रहण की भी संभावना है। उन्होंने कहा कि अभी फिलहाल विमान सेवा कंपनियां अपने बेड़े में विस्तार नहीं करेंगी। आपको बता दें कि डेक्कन की ओर से अपनी सेवाएं पूरी तरह से बंद कर दी हैं। कई एयरलाइन कंपनियों की ओर से अपने कर्मचारियों की सैलरी में भी कटौती का ऐलान किया है। आने वाले दिनों में नौकरी जाने की भी संभावना जताई जा रही है।