कर्मचारियों का कहना है कि वे गूगल से इसलिए जुड़े थे क्योंकि वह फायदे से ज्यादा मूल्यों को अहमियत देती है, लेकिन ड्रैगनफ्लाई प्रोजेक्ट और उत्पीडऩ के आरोपियों का बचाव करने जैसी घटनाओं की वजह से उनका भरोसा खत्म हो गया है।
नर्इ दिल्ली। अमरीकी कंपनी गूगल के ड्रैगनफ्लाई प्रोजेक्ट का विरोध बढ़ता जा रहा है। गूगल के कर्मचारियों ने प्रबंधन को खुला पत्र लिखकर परियोजना को रद्द करने की मांग की है। मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल ने भी गूगल की इस परियोजना का दुनिया भर में विरोध करने की घोषणा की है। कर्मचारियों का कहना है कि वे गूगल से इसलिए जुड़े थे क्योंकि वह फायदे से ज्यादा मूल्यों को अहमियत देती है, लेकिन ड्रैगनफ्लाई प्रोजेक्ट और उत्पीड़न के आरोपियों का बचाव करने जैसी घटनाओं की वजह से उनका भरोसा खत्म हो गया है।
गूगल के 11 कर्मचारियों के हस्ताक्षर वाला पत्र मंगलवार शाम प्रकाशित होने के कुछ ही घंटों में 300 कर्मचारियों ने इसके समर्थन में हस्ताक्षर कर दिए। ड्रैगनफ्लाई का खुलासा होने के बाद गूगल के कर्मचारियों ने भी कंपनी से पारदर्शिता बरतने की मांग करते हुए स्थिति साफ करने के लिए कहा था। कंपनी के सीईओ सुंदर पिचाई ने इसके बाद कर्मचारियों को भरोसा दिलाया था कि चीन में सेंसर्ड सर्च इंजन लॉन्च करने की कोई योजना नहीं है। इसके बावजूद पिछले महीने गूगल द्वारा चीन के लिए सेंसर्ड सर्च इंजन बनाने की बात सामने आई है।
क्या है ड्रैगनफ्लाई प्रोजेक्ट
इस प्रोजेक्ट के तहत कंपनी चीन के लिए सेंसर्ड सर्च इंजन बना रही है। इस साल अगस्त में इसका खुलासा हुआ था। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक इस सेंसर्ड सर्च इंजन पर कुछ वेबसाइट्स और ह्यूमन राइट्स जैसे शब्द ब्लॉक रहेंगे। कई मानवाधिकार संगठनों और अमरीका के राजनीतिज्ञों ने इसकी निंदा की थी।
सेंसर के चलते बंद किया था सर्च इंजन
गूगल ने चीन में सेंसरशिप की वजह से 2010 में वहां अपने सर्च इंजन और वीडियो वेबसाइट यूट्यूब को बंद कर दिया था। हालांकि इसके बावजूद उसने चीन को पूरी तरह नहीं छोड़ा। वहां अपने दफ्तर और कर्मचारियों को बरकरार रखा। उस वक्त चीन में गूगल की बाजार हिस्सेदारी 30त्न से भी कम थी, जबकि स्थानीय सर्च इंजन बेदू 76त्न पर काबिज था। गूगल ने इस साल चीन की टेनसेंट होल्डिंग्स के सोशल मीडिया ऐप 'वी चैट' पर आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से जुड़ा गेम लॉन्च किया। जनवरी में चीन के लाइव स्ट्रीम मोबाइल गेम प्लेटफॉर्म वाली कंपनी चुजू में भी निवेश किया।