फरारी ने 1962 के इस मॉडल की केवल 36 कारें ही बनाई थीं।
नई दिल्ली। लाल रंग की 56 वर्ष पुरानी फरारी कार के एक मॉडल की नीलामी के दौरान 338 करोड़ रुपए की बोली लगी है। यह फरारी 250 जीटीओ 1962 के मॉडल की कार थी। नीलामी में बिकने वाली गाड़ियों के मामले में यह अब तक की सबसे महंगी कार है। यह कार माइक्रोसॉफ्ट के एक पूर्व कर्मी ग्रेग विटन की थी जिसे उसने 2000 में खरीदा था। खबरों के मुताबिक ग्रेग ने इसे 70 करोड़ रुपए में खरीदा था। खास बात यह है कि फरारी ने 1953 से 1964 के बीच इस मॉडल की सिर्फ 36 कार का निर्माण किया था और नीलामी में इसकी कीमत अधिक लगती रही है। इससे पहले यह रेकॉर्ड फेरारी की ही 1963 के मॉडल की एक कार के नाम था जो 2014 में 266 करोड़ रुपए में बिकी थी।
ये है कार की खासियत
फरारी की 1962 मॉडल की इस कार में 2,953 सीसी वाला वी-12 इंजन लगा है। इस इंजन में दो सिलेंडर लगे होते हैं। यह इंजन 7500 आरपीएम पर 296 एचपी की पावर और 5500 आरपीएम पर 294 एनएम का टार्क जनरेट करता है। 5 स्पीड डॉग लेग मैनुअल गियरबॉक्स से युक्त यह कार सिर्फ 6.1 सेकंड में 0 से 100 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार पकड़ सकती है। अधिकतम रफ्तार की बात की जाए तो ये कार 280 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकती है। आकार की बात की जाए तो इस कार का व्हील बेस 2400 मिमी, वजन 880 किलो, 2 दरवाजे, लंबाई 4325 मिमी, चौड़ाई 1600 मिमी और ऊंचाई 1210 मिमी है।
इसलिए महंगी बिकती हैं फरारी की कारें
कार निर्माता कंपनी फरारी की कारें पूरी दुनिया में सबसे महंगी होती हैं। इसके अलावा फरारी की पुरानी कारों की मांग बहुत ज्यादा रहती है। इसकी कई वजह हैं। सबसे पहली वजह तो यह है कि फरारी को दुनिया में सबसे सफल कार बनाने के लिए जाना जाता है। दूसरा कारण यह है कि फरारी एक मॉडल की कम ही कारें बनाती है। इस कारण फरारी की कारों को दुर्लभ माना जाता है। तीसरा कारण यह है कि फरारी की कारें दुनिया की अन्य कारों के मुकाबले काफी खूबसूरत होती हैं।