ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट फ्लिपकार्ट और ऐमजॉन ने हाल ही में ग्राहकों को क्रेडिट पर सामान देने के लिए आधार के इस्तेमाल का ऐलान किया है।
नई दिल्ली। ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट फ्लिपकार्ट और अमेज़नने हाल ही में ग्राहकों को क्रेडिट पर सामान देने के लिए आधार के इस्तेमाल का ऐलान किया है। फ्लिपकार्ट और ऐमजॉन के इस कदम को कुछ वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट के हाल ही में आए फैसले के खिलाफ बताया है। वकीलों ने ई-कॉमर्स कंपनियों के इस कदम को गैर-कानूनी ठहराया है।
फ्लिपकार्ट और अमेज़न नहीं मांग सकती आधार डीटेल
इस फेस्टिव सीजन फ्लिपकार्ट और अमेज़न ग्रहाकों को अपनी तरफ खींचने के लिए तरह-तरह के ऑफर लेकर आ रही हैं। ऐसे में दोनो कंपनियां ग्रहाकों के लिए ऑफर लेकर आई है जिसके तहत कंपनियां क्रेडिट/डेबिट कार्ड के बिना ही इंस्टैंट क्रेडिट ऑफर कर रही हैं। इसके लिए कंपनियां इंस्टैंट लोन से उन ग्राहकों को आकर्षित करेगी जो वेबसाइट पर सामान चुनकर अपने कार्ट में रख तो लेते हैं, लेकिन पैसे या लोन के अभाव में वह ऑर्डर नहीं कर पाते। ऐसे ही ग्राहकों के लिए फ्लिपकार्ट और अमेज़न लोन ऑफर लेकर आई हैं।ग्राहकों को अपना ऑर्डर बुक करने के लिए आधार आईडी नंबर देना होगा।
ये है फ्लिपकार्ट और अमेज़न का ऑफर
ऐमजॉन और फ्लिपकार्ट ने अपने-अपने मोबाइल ऐप पर 60-60 हजार रुपए तक के क्रेडिट ऑफर कर रही हैं, वह भी ब्याज मुक्त। ऐप पर अपना पैन और आधार नंबर डालकर ग्राहक पता कर सकते हैं कि उन्हें कितनी रकम का क्रेडिट दिया गया है। तो वहीं दूसरी तरफ कुछ वकीलों का कहना है कि कंपनियां अपने प्लैटफॉर्म पर किसी भी तरह की स्कीम के लिए आधार डीटेल्स नहीं मांग सकती हैं। ये सुप्रीम कोर्ट के फैसले का उल्लंघन है और गैर-कानूनी भी हैं।
फ्लिपकार्ट और अमेज़न की सफाई
इस पूरे विवाद पर फ्लिपकार्ट और अमेज़न के अधिकारियों का कहना है कि कंपनी सभी कानूनों और सुप्रीम कोर्ट के फैसले का पालन पूरी तरीके से पालन कर रही है। कंपनी के लिए देश के कानूनों का पालन करना हमेशा ही प्राथमिकता रही है।