
नई दिल्ली। बात ज्यादा दिन पुरानी नहीं है जब यूपी के चीफ मिनिस्टर योगी आदित्यनाथ ने आगरा के ताजमहल में एंट्री करने के लिए शुल्क बढ़ा दिया था। लेकिन दुनिया के सात अजूबों में से ताजमहल अब योगी आदित्यनाथ की नहीं रही। अब शाहजहां की ‘मुमताज’ की देखभाल आंध्रप्रदेश का जीएमआर ग्रुप और आईटीसी ग्रुप मिलकर करेगा। ये पूरा काम केंद्र सरकार के कहने पर हो रहा है। अब सवाल ये है कि ताजमहल की जिम्मेदारी जीएमआर ग्रुप और आईटीसी को कैसे मिल गई।
जीएमआर और आईटीसी ग्रुप के हाथ में ताज
नरेंद्र मोदी सरकार की योजना 'एडॉप्ट ए हेरिटेज' के तहत ताजमहल में पर्यटकों के लिए सुविधाएं मुहैया कराने की जिम्मेदारी निजी हाथों आ गई है। जिसमें आगरा का ताजमहल भी जद में आ गया है। जिसकी देखरेख जीएमआर व आईटीसी ग्रुप करेगा। स्मारकों पर पर्यटक सुविधाएं चाकचौबंद करने के लिए 31 प्राइवेट इकाइयों ने सरकार को एप्रोच किया गया था। इसमें डालमिया समूह और जीएमआर व आईटीसी कांट्रैक्ट पाने में कामयाब हो गई। सरकार ने 'एडॉप्ट ए हेरिटेज' योजना बीते साल 2017 में लांच की थी। यह योजना भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने प्रमुख धरोहरों के लिए शुरू की गई है। इसमें 100 के करीब धरोहर शामिल हैं। पर्यटन मंत्री केजे अल्फोंस ने कहा कि अब ये दोनों कंपनियां इन धरोहर का संरक्षण करेंगी।
इस तरह की होंगी सुविधाएं
'एडॉप्ट ए हेरिटेज' योजना के तहत केंद्र सरकार धरोहरों को जिन निजी हाथों में सौंप रही है, वो पर्यटकों के लिए सुविधाएं बढ़ाने का काम करेंगी। इसके अलावा उनकी देखरेख भी बेहतर तरीके से करेंगी। इन सुविधाओं में धरोहर स्थल की साफ-सफाई, आवागमन को सुगम बनाने का प्रयास, साइन बोर्ड लगाने का काम, सामान के लिए क्लॉकरूम, तेज रोशनी व निगरानी प्रणाली और हेल्पलाइन इन्क्वायरी काउंटर शामिल होंगे। इनमें मोबाइल ऐपलीकेशन, विभिन्न भाषाओं में ऑडियो गाइड, मुफ्त वाईफाई व कैंटीन जैसी सुविधाओं का आदान-प्रदान करना भी शामिल होगा।
डालमिया संभालेंगे लालकिला
वहीं दूसरी ओर डालमिया समूह को लाल किले का कांट्रैक्ट पांच साल के लिए मिला गया है। वह हर साल स्मारक पर पांच करोड़ रुपए खर्च करेंगे। लाल किले की दौड़ में इंडिगो एयरलाइंस भी शामिल थी। डालमिया समूह अगले महीने से लाल किले में सुविधाएं बढ़ाना शुरू करेगा। इसमें शुद्ध पेयजल की सुविधा, आरामदायक कुर्सियां लगाने आदि की सुविधा शामिल है। डालमिया समूह के अनुसार यह कांट्रैक्ट पांच साल के लिए है। इसमें हर पर्यटक की आवभगत का जिम्मा समूह पर है ताकि पर्यटकों को यहां बार-बार घूमने आने के लिए प्रेरणा मिले।